कर्नाटक विधान परिषद के सभापति होराती ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक विधान परिषद के सभापति होराती ने दिया इस्तीफा

बंगलौर। बसवराज होराती ने कर्नाटक विधान परिषद के सभापति पद से इस्तीफा दे दिया। वह अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। श्री होराती ने आज यहां विधान सौधा में प्रेस मीट के बाद आधिकारिक तौर पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने विधान परिषद् सदस्य के रूप में भी इस्तीफा दे दिया है और मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।

42 साल में पहला बदलाव..!

होराती ने कहा, ‘‘कभी-कभी अचानक बदलाव आते हैं। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के कुछ लोग और मेरे शुभचिंतक मुझ पर दबाव बना रहे थे कि मुझे बदलाव अपनाना चाहिए और मुझे इसे स्वीकार करना पड़ा…। मैं पहले निर्दलीय के रूप में चुना गया और इसके बाद मैं तत्कालीन जनता दल के साथ जुड़ा और फिर उससे अलग हुए जद(एस) के साथ। मेरे राजनीतिक जीवन के 42 वर्ष में यह मेरा पहला बदलाव है।”

अमित शाह से कर चुके हैं मुलाकात

होराती ने इस महीने की शुरुआत में यहां दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उन्हें आगामी विधान परिषद चुनावों में पश्चिम शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। होराती 1980 से अब तक लगातार सात बार विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुये हैं। इसके साथ ही उन्होंने जद (एस) के साथ लंबे समय से चला आ रहा अपना नाता तोड़ लिया है।

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सत्ता के लिए पार्टी नहीं बदली

होराती ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने सत्ता की खातिर पार्टी नहीं बदली है। उन्होंने कभी सत्ता की आकांक्षा नहीं रखी और उन्होंने अतीत में मंत्री एवं विधान परिषद के सभापति के तौर पर प्रभावी तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा या कुमारस्वामी और उनके बीच कोई गलतफहमी नहीं है। होराती ने कहा, ‘‘मैंने यह फैसला करने से पहले कुमारस्वामी से बात की थी।”

बिना शर्त भाजपा में…

वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह बिना किसी पूर्व शर्त के भाजपा में शामिल हो रहे हैं और उनके परिवार के किसी सदस्य की राजनीति में शामिल होने में अभी तक कोई रुचि नहीं है। विधान परिषद के वरिष्ठ सदस्यों में गिने जाने वाले 76 वर्षीय होराती को उत्तरी कर्नाटक में जद (एस) के प्रमुख लिंगायत चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है। वह राज्य के शिक्षा मंत्री रहे हैं और फरवरी 2021 में विधान परिषद के सभापति चुने गए थे।

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