UGC-NET परीक्षा रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला
UGC-NET के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के बाद राहुल गांधी ने NTA और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

Rahul Gandhi on Parliament Monsoon Session : संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। नई दिल्ली स्थित संसद भवन में भाषण देते हुए राहुल गांधी ने एक छात्रा के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला दिया और समाज को तीन श्रेणियों छात्र, ईडियट और अंधभक्त में वर्गीकृत किया। इस टिप्पणी और सीजेपी प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री के आधिकारिक बयान की मांग पर अड़ा है, जिसके चलते मॉनसून सत्र की कार्यवाही में लगातार गतिरोध देखने को मिल रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि अगली पीढ़ी पर भाषण की शुरुआत उन्होंने छात्रों से हुई बातचीत से की। उन्होंने बताया कि एक छात्रा ने कहा, “छात्र वह होता है जिसका दिमाग और दिल खुला हो।” छात्र हमेशा सीखने के लिए तैयार रहता है, यह मानता है कि उसे सब कुछ नहीं पता, ज्ञान और दुनिया बदलती रहती है, इसलिए विनम्रता ही छात्र का सबसे बड़ा गुण है।

See also  पीड़िता के परिजनों से मिलने आज फिर हाथरस जाएंगे राहुल गांधी

राहुल ने गिनाई तीन श्रेणी
सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत युवाओं की सोच और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी के महत्व से की। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक छात्रा से संवाद के दौरान उन्हें ज्ञान, विनम्रता और विचारों के खुलेपन की एक नई परिभाषा समझ आई। उन्होंने तर्क दिया कि सच्चा छात्र वही है जो नया सीखने के लिए अपना दिमाग खुला रखता है और उसमें सच स्वीकार करने की विनम्रता होती है। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में बनाई जाने वाली आभासी छवियों पर कटाक्ष करते हुए तीन वर्गों का वर्णन किया, जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सत्ता पक्ष की ओर से आपत्तिजनक शब्दों को संसद की कार्यवाही से हटाने का औपचारिक अनुरोध भी पीठ से किया गया।

क्यों हुआ हंगामा ?
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सच्चाई को अपने सीने पर गर्व से लेकर घूमता है। मैंने दूसरे वर्ग के बारे में पूछा तो उसने कहा कि दूसरे वर्ग को एक छवि की जरूरत होती है। चूंकि वो इमेज सच नहीं है, क्योंकि ईडियट यह दिखावा कर रहा है कि वो भगवान है। ऐसे में उसे एक बड़ी छवि बनानी होती है। मैंने सोचा कि ये स्टूडेंट है, ईडियट भी है, तो मैंने उससे पूछा कि तीसरी कैटेगरी कहा जाती है। मैंने कहा अंधभक्त, इसे कहां डाला जाए। उसने कहा कि अंधभक्त वह होता है, जिसे यह भरोसा हो जाता है कि दूसरा ईडियट भगवान है। राहुल गांधी के इस भाषण पर जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष ने ईडियट शब्द को संसद की कार्यवाही से निकालने का अनुरोध किया।

See also  दिल्ली में धराया नक्सली नेता, पुलिस की हत्या कर 26 साल से था फरार

कब तक चलेगा सत्र ?
संसद का यह मॉनसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक प्रस्तावित है, जिसमें कुल 19 बैठकें होनी हैं। पूर्व के सत्रों की तरह ही इस सत्र में भी प्रतियोगी परीक्षाओं, सार्वजनिक छात्र आंदोलनों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार सदन में ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल 2026’ पर चर्चा करा रही है, जिसमें धांधली और पेपर लीक में शामिल दोषियों के लिए 5 से 10 साल तक की सख्त जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष दिल्ली में छात्रों के साथ हुए व्यवहार और प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रहा है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।