Vande Mataram being played during Nagpur Municipal Corporation general body meeting
नागपुर नगर निगम की आम सभा की बैठक की शुरुआत में वंदे मातरम् का गायन किया गया।

Nagpur Municipal Corporation: महाराष्ट्र के नागपुर में भाजपा शासित नागपुर नगर निगम (NMC) की आम सभा की बैठक के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर प्रशासनिक चूक सामने आई है। बैठक की शुरुआत में परंपरा के मुताबिक राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन हुआ, लेकिन इसमें केवल दो अंतरे ही बजाए गए।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब केंद्र सरकार के हालिया निर्देशों में सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का पूरा गायन किए जाने की बात कही गई है।

राजनीति बयानबाजी के बीच कहां हुई चूक?

वंदे मातरम् को लेकर यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में इसके केवल दो अंतरे गाए जाने पर भाजपा और उसके सहयोगियों ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की तीखी आलोचना की थी। इसी राजनीतिक बहस के बीच अब भाजपा शासित नागपुर नगर निगम की बैठक में भी वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे बजने का मामला सामने आया है। इससे निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और केंद्र के निर्देशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

केंद्र के निर्देश में क्या कहा गया है?

दिए गए विवरण के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों में सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का पूर्ण गायन किए जाने की बात कही गई है। वंदे मातरम् के पूरे गायन में करीब 3 मिनट 10 सेकंड का समय लगता है। ऐसे में नागपुर नगर निगम की बैठक में केवल दो अंतरे बजने की घटना को प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक के तौर पर देखा जा रहा है।

नगर निगम प्रशासन ने क्या सफाई दी?

मामले पर जब नागपुर नगर निगम प्रशासन से सवाल किया गया तो नगर निगम सचिव रंजना लाडे ने पहले पूरा गाना बजाए जाने का दावा किया। हालांकि, जब यह बताया गया कि बैठक के दौरान रिकॉर्डिंग में केवल दो अंतरे ही बजाए गए, तो उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग कैसेट की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह देखा जाएगा कि उसमें किसी तरह की तकनीकी खराबी तो नहीं थी।

नए कानून के बाद वंदे मातरम् पर बढ़ी संवेदनशीलता

वंदे मातरम् को लेकर हाल में कानूनी स्तर पर भी बदलाव हुआ है। दिए गए विवरण के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम को मंजूरी दी है। इसमें वंदे मातरम् को कानूनी सुरक्षा देने और इसके अपमान या गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने की बात कही गई है। ऐसे में नागपुर नगर निगम की बैठक में वंदे मातरम् के सिर्फ दो अंतरे बजने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि केंद्र के नए निर्देशों के बावजूद निगम की बैठक में पूरे गायन का पालन क्यों नहीं हुआ।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।