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सक्ती। जांजगीर-चांपा जिले से अलग होकर बने नवगठित जिला सक्ती के मुख्यालय के रूप में जैसे ही जेठा का चयन करने की घोषणा की गई, इसका विरोध शुरू हो गया है। जेठा सक्ती नगर से लगभग 10 किलो मीटर दूर है जिसे लेकर विरोध लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज सक्ती नगर पूरी तरह से बंद रखा गया, लोगों ने जिला प्रशासन के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

सक्ती में ओएसडी की नियुक्ति के साथ ही प्रशासनिक अमला कार्यालयों के संचालन के लिए स्थान की तलाश में जुट गया। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कलेक्टोरेट के लिए क्रांति कुमार कॉलेज, जेठा, एसपी ऑफिस के लिए शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, जेठा व आरआई केंद्र के संचालन के लिए पंडित दीनदयाल स्टेडियम का चयन किया है। इन स्थानों में अस्थायी रूप से कार्यालय संचालन का आदेश भी जारी किया गया। इसके साथ ही प्रशासनिक निर्णय का विरोध भी शुरू हो गया है।

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सक्ती में मुख्यालय बनाने की मांग

मुख्यालय के मुद्दे पर जिला संघर्ष मोर्चा सक्ती के बैनर तले लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें नगर के व्यापारी नेता, भाजपा, कांग्रेस, अधिवक्ता, ऑटो चालक संघ के साथ अन्य संगठनों के लोग भी शामिल हैं। सभी एक स्वर में सक्ती जिला का मुख्यालय नगर में बनाने की मांग कर रहे हैं। आज इसी कड़ी में सक्ती नगर पूरी तरह से बंद रखा गया। लोगों ने जिला प्रशासन के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला संघर्ष मोर्चा के सदस्य देवेन्द्र अग्निहोत्री का कहना है कि 10 किलोमीटर दूर जेठा में कार्यालय खोलने से सक्ती को जिला बनाने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। आज सांकेतिक विरोधस्वरूप शहर बंद रखा गया है, आगे और भी उग्र प्रदर्शन किया जायेगा।
वहीं मोर्चा के एक अन्य सदस्य संजय रामचंद ने बताया कि रेल मार्ग से दूर सुविधाविहीन इलाके जेठा में कुछेक ही शासकीय भवन हैं, जबकि सक्ती शहर में ऐसे 22 भवन हैं, बावजूद इसके मुख्यालय को यहां से 10 किलोमीटर दूर स्थापित करना समझ से परे है। आज के इस बंद में चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अलावा दूसरे व्यापारिक संगठन और शहरवासियों का पूरा समर्थन रहा।

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