रायपुर। विधानसभा में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में कौशल उन्नयन योजना और उसकी स्थिति को लेकर कौशल विकास रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत को घेरा। इस पर नीति बनाने के उनके सुझाव पर मंत्री ने प्रयास करने की बात कही।

प्रशिक्षण से ज्यादा को भुगतान पर सवाल

विधानसभा में चंद्राकर ने तारांकित प्रश्न के जरिए यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि लिखित उत्तर में बताया गया है कि 171 स्थान पर प्रशिक्षण देने और 184 को भुगतान की जानकारी दी गई है। सबसे पहले तो इस अंतर को दुरूस्त करें। अजय ने पूछा कि कौशल विकास के लिए युवाओं के चयन के लिए कोई नियम बनाए हैं या सर्वे करते हैं? सलेक्शन कैसे करते हैं।

मंत्री खुशवंत ने बताया कि केंद्र सरकार से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का लक्ष्य मिलता है और क्षेत्रवार कार्यक्रम प्रशिक्षण सत्र करते हैं। चंद्राकर ने कहा कि राज्य के विजन डॉक्यूमेंट के पेज 27 में 3 प्रतिशत स्किल्ड और 97 प्रतिशत अनस्किल्ड युवाओं की स्वीकारोक्ति की गई है। ऐसे में स्थिति को समझा जा सकता है। और इसके लिए कौशल प्रशिक्षण के लिए चयन प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है। इसके लिए केंद्र की कौशल उन्नयन नीति सार्वजनिक है उसे अपनाएंगे। या राज्य में कोई नीति बनाएंगे?

See also  अच्छी खबरः प्रदेश के 14 जिलों में अभी कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं

अजय चंद्राकर ने कहा कि कौशल उन्नयन वाली सभी एजेंसियां कागजों में स्किल्ड बना रहीं हैं। कौशल उन्नयन आजकल देश का अहम विषय हो गया है। गिग वर्कर्स, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी इसकी जरूरत है। इन एजेंसियों के चयन, निगरानी, ट्रेड सलेक्शन के नीति कब बनाएंगे या केन्द्र की नीति अपनाएंगे। मंत्री खुशवंत ने कहा कि बीते दो वर्षों में एजेंसी चयन, भुगतान, निगरानी को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। और नीति बनाने के प्रयास करेंगे।