नई दिल्ली/रायपुर। महिला आरक्षण बिल संसद में गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी और NDA के घटक दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने इसे ‘महिलाओं के हक पर कुठाराघात’ बताया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने सदन में बिल का समर्थन नहीं कर महिला विरोधी रवैया दिखाया और कहा कि बिल गिरने से 33% आरक्षण का रास्ता रुक गया है।

लोकसभा में बिल के गिरते ही भाजपा महिला मोर्चा और NDA के कार्यकर्ता रात से ही देशभर में सड़कों पर उतर आए। दिल्ली, रायपुर, लखनऊ समेत कई शहरों में कैंडल मार्च और धरना हुआ। छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे के नेतृत्व में महिलाओं ने शुक्रवार की रात आक्रोश रैली निकालकर नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के पारित होने में अवरोध पैदा करने पर कांग्रेस का विरोध किया।

सरोज पांडेय ने सदन में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष द्वारा किए गए विरोध पर कहा है कि इससे कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। कांग्रेस पार्टी सहित समूचा विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी मातृशक्ति देश के विकास में पुरुषों के साथ कदम मिलाकर चले। कांग्रेस पार्टी आज भी मातृशक्ति को केवल वोट बैंक समझती है जो उन्हें सिर्फ चुनावी वर्ष में ही याद आती है।

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भाजपा ने ऐलान किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर अगले हफ्ते हर जिला मुख्यालय पर ‘महिला अधिकार मार्च’ निकालेगी। NDA संसद के अगले सत्र में फिर से बिल लाने की मांग करेगा।

महिला बिल के गिरने के बाद छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत भाजपा अध्यक्ष और प्रमुख महिला नेत्रियों के बयान आने शुरू हो गए।

कांग्रेस और INDI गठबंधन का महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक रुख उजागर : साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह रुख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है।

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भारतीय जनता पार्टी की सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कांग्रेस और ‘घमंडिया’ गठबंधन के अन्य दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ के मार्ग में निरंतर बाधाएँ उत्पन्न करने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा की महिला सांसद त्रय ने कहा कि दशकों तक महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लटकाने, भटकाने और अटकाने वाली ताकतों का असली चेहरा एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गया है।

‘विपक्ष महिलाओं को उनका अधिकार देने के खिलाफ’

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने संसद में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम की मुखालफत करने के लिए कांग्रेस समेत इण्डी गठबंधन के दलों पर तीखा हमला बोला है। विभा अवस्थी ने कहा कि देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा यह महत्वपूर्ण विधेयक लाया गया था,परन्तु संसद में बहुमत की कमी के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो पाया ।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि यह बिल देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने का बिल था परंतु विपक्ष ने उस आबादी को संवैधानिक अधिकार देने से वंचित कर दिया।

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कांग्रेस पार्टी महिलाओं को अभी भी केवल वोट बैंक समझती है – लता उसेंडी

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने सदन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी सहित समूचे विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी भी महिलाओं को केवल वोट बैंक ही समझती है। आज जब महिलाएं देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर देश का नेतृत्व कर रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जो आज भी महिलाओं को घर की चारदीवारी में सीमित रखकर उनका केवल शोषण करती है।

कांग्रेस का पलटवार, कहा– महिला बिल का विरोध नहीं, संशोधन की मांग है

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन भाजपा बिल में OBC कोटा शामिल नहीं कर रही थी। इसलिए संशोधन की मांग की गई थी।