बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही सत्ता के गलियारों में एक ऐसे नाम की गूँज है, जो पिछले 35 सालों से बिहार की राजनीति का केंद्र रहे हैं। जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव अब बिहार के नए उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बन गए हैं। 79 वर्षीय बिजेंद्र यादव का चयन न केवल उनके अनुभव का सम्मान है, बल्कि कोसी और मिथिलांचल के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है।

1990 से अब तक है अजेय

बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के उन गिने-चुने नेताओं में से हैं, जिन्होंने समय के साथ दल बदले लेकिन जनता का भरोसा कभी नहीं खोया।

सफर की शुरुआत: 1990 में पहली बार सुपौल से जीतकर लालू यादव की सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री बने।

जीत का सिलसिला: 1990, 1995, 2000, 2005 (दो बार), 2010, 2015, 2020 और अब 2025—उन्होंने लगातार सुपौल विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।

सियासी कौशल: उन्होंने कांग्रेस, आरजेडी और बीजेपी, सभी के दिग्गजों को अपने क्षेत्र में मात दी है।

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क्यों कहलाते हैं कोसी के विश्वकर्मा?

कोसी नदी, जिसे कभी बिहार का शोक कहा जाता था, उसके तटबंधों और किनारों के बीच की दूरी को कम करने का श्रेय बिजेंद्र यादव को जाता है।

पुलों का जाल: उनके प्रयासों से कोसी पर कई पुलों और एप्रोच रोड का निर्माण हुआ, जिससे क्षेत्र का आर्थिक भूगोल बदल गया।

बाढ़ से लड़ाई: पिछड़ेपन और बाढ़ की मार झेलने वाले मिथिलांचल की तस्वीर बदलने की वजह से ही स्थानीय लोग उन्हें प्यार से ‘कोसी का विश्वकर्मा’ कहते हैं।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।