रायपुर। राज्य पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ( State Power Distribution Company ) द्वारा विद्युत की कटौती नहीं की जा रही है। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य में विद्युत की मांग और उपलब्धता में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होने पर ग्रिड को संतुलित बनाए रखने के लिए, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों ( Naxal Affected Area ) को छोड़कर राज्य के बाकी क्षेत्र के 33 केवी के फीडरों में बिजली सप्लाई को रेग्यूलेट किया जाता है। यह जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ( CM Bhupesh Baghel ) ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

भाजपा सदस्य डॉ. रमन सिंह ( Dr. Raman Singh ) ने जानना चाहा कि क्या प्रदेश में विद्युत कटौती के लिए विभाग द्वारा कोई निश्चित समय या अवधि निर्धारित किया गया है? इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक दिन में बिजली की अधिकतम मांग की अवधि में ऐसे 11 केवी के फीडर, जिनसे केवल सिंचाई पंपों की बिजली सप्लाई की जाती है।  शाम पांच बजे से रात्रि 11 बजे तक पंप पर बिजली सप्लाई को बंद कर मांग और उपलब्धता में संतुलन रखा जाता है।

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भाजपा सदस्य डॉ. रमन सिंह के एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्थापित विभिन्न विद्युत उत्पादन संयंत्रों से एक अप्रैल 2018 से 15 जून 2019 तक की कालवधि में 1 लाख 69 हजार 837 मिलियन यूनिट का उत्पादन हुआ है। उत्पादित बिजली की कुल क्षमता 98.99 फीसदी है। जो कि क्षमता के अनुरूप है।

 

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