Ajnar River Cleanup: कहा जाता है कि जब इरादे मजबूत हों, तो अकेला व्यक्ति भी बदलाव की बड़ी लहर ला सकता है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रहने वाले 21 वर्षीय छात्र बिट्टू ने इस बात को साबित कर दिखाया है।
तैरना न आने और संसाधनों के अभाव के बावजूद, बिट्टू ने प्रदूषण से बेहाल हो चुकी अजनार नदी को साफ करने का बीड़ा उठाया। शुरुआत में लोगों द्वारा सनक और मजाक समझे जाने वाला यह अभियान आज देश-दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुका है।
कौन हैं ‘बिट्टू तबाही’ और क्या है नाम के पीछे की सोच
बिट्टू ब्यावरा के निवासी हैं और वर्तमान में बीएससी सेकंड ईयर में बायोलॉजी के छात्र हैं। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जानते हैं। अपने इस अनोखे उपनाम पर बिट्टू का कहना है कि ‘तबाही’ शब्द सुनकर लोग चौंकते हैं, लेकिन उनकी सोच यह थी कि इस नाम का इस्तेमाल विनाश के बजाय किसी अच्छे काम में ‘तबाही’ मचाने के लिए किया जाए। आज वे जल प्रदूषण के विनाश के लिए एक मजबूत योद्धा बनकर उभरे हैं।
संक्रमण और बीमारी के बावजूद नहीं डगमगाया हौसला
अजनार नदी में गंदे पानी और कचरे के बीच काम करते समय बिट्टू को हाथ-पैरों में गंभीर त्वचा संक्रमण (स्किन इन्फेक्शन) भी हो गया। लेकिन इस बीमारी से भी उनका हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने हार मानने के बजाय अपने दोस्तों के साथ मिलकर लगभग 30,000 रुपये जुटाए। इन पैसों से उन्होंने सफाई के लिए जरूरी औजार और डस्टबिन खरीदे तथा भारी कचरा हटाने के लिए जेसीबी मशीन तक लगवाई। इसके अलावा, उन्होंने नदी से निकलने वाले पूजा-सामग्री के कचरे को खाद में बदलने की अनूठी पहल भी शुरू की।
आनंद महिंद्रा और केविन पीटरसन ने बताया ‘असली हीरो’
बिट्टू के इस काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने 30 मार्च को उनका वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यदि लाइक्स पाने की चाहत किसी अच्छे काम का माध्यम बनती है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने बिट्टू को अपना आदर्श बताया। वहीं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर केविन पीटरसन ने भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर बिट्टू को असली हीरो बताया और कहा कि बिना ग्लव्स व जूते और बिना तैरना सीखे 20 साल का लड़का नदी में उतर गया, यह अपने आप में अद्भुत है।
नीदरलैंड की संस्था से मिला जॉब ऑफर, सीएम ने किया सम्मानित
बिट्टू की इस मुहिम की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। नीदरलैंड की प्रसिद्ध पर्यावरण संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ के सीईओ बोयान स्लाट ने उनकी लगन से प्रभावित होकर उन्हें अपने साथ काम करने का ऑफर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिट्टू को सम्मानित किया और लिखा कि बिट्टू ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से साबित किया है कि बदलाव के लिए भीड़ नहीं, बल्कि एक सच्ची पहल काफी है। उनकी यह कोशिश ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की भावना को भी मजबूती देती है।
- बिट्टू मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के निवासी हैं और बीएससी (बायोलॉजी) सेकंड ईयर के छात्र हैं।
- बिट्टू ने ब्यावरा में स्थित प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था।
- इस अभियान पर लगभग 30,000 रुपये का खर्च आया, जिसे बिट्टू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर आपस में जुटाया।
- नीदरलैंड की चर्चित पर्यावरण संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ के सीईओ बोयान स्लाट ने उन्हें साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिट्टू के संकल्प ने समाज को संदेश दिया है कि बदलाव के लिए एक सच्ची पहल काफी है और पूरे प्रदेश को उन पर गर्व है।


