Lenskart Controversy: देश की दिग्गज आईवियर कंपनी लेंसकार्ट इन दिनों अपनी सेल की वजह से नहीं, बल्कि एक बड़े विवाद की वजह से चर्चा में है। मामला इतना बढ़ गया कि कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल की पत्नी निधि मित्तल बंसल को अपना सोशल मीडिया (X) अकाउंट डिएक्टिवेट करना पड़ा है। दरअसल, उनके कुछ साल पुराने ट्वीट्स सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदू संगठनों को लेकर तीखी बयानबाजी की थी।

क्या है पुराने ट्वीट्स का पूरा मामला?

बता दें कि साल 2013 से 2015 के बीच के कुछ स्क्रीनशॉट्स वायरल हो रहे हैं। इन पोस्ट्स में निधि मित्तल बंसल ने कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थन किया था। वायरल स्क्रीनशॉट्स में #vote4mufflerman जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है। कुछ पोस्ट में हिंदू महासभा और बीजेपी के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां थीं, जिन्हें सोशल मीडिया यूजर्स अपमानजनक बता रहे हैं।

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जैसे ही विरोध की लहर बढ़ी, उनका हैंडल @nidhimittal13 प्लेटफॉर्म से गायब हो गया। सूत्रों का कहना है कि भारी ट्रोलिंग और दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।

बिंदी-तिलक और कलावा पर भेदभाव वाली गाइडलाइन

गौरतलब है कि यह विवाद तब और गहरा गया जब लेंसकार्ट का एक 23 पन्नों का इंटरनल स्टाफ यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग गाइड (फरवरी 2026) लीक हो गया। इस डॉक्यूमेंट में कर्मचारियों को बिंदी, कलावा और धार्मिक बैंड पहनने से मना किया गया था। वहीं दूसरी ओर, हिजाब और टर्बन (पगड़ी) को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। सिंदूर को भी बहुत कम लगाने की सलाह दी गई थी। बता दें कि सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे हिंदू प्रतीकों के खिलाफ भेदभाव बताया और Boycott Lenskart ट्रेंड करने लगा।

CEO पीयूष बंसल की सफाई और यू-टर्न

मिली जानकारी के अनुसार, पीयूष बंसल ने इस मामले पर दो बार बयान बदले। पहले उन्होंने वायरल डॉक्यूमेंट को गलत बताया, लेकिन जब कम्युनिटी नोट ने उन पर सवाल उठाए, तो उन्होंने माना कि डॉक्यूमेंट असली है। उन्होंने कहा, मैं फाउंडर के रूप में इस चूक की जिम्मेदारी लेता हूं। बिंदी और तिलक वाली लाइन कभी लिखी ही नहीं जानी चाहिए थी। इसे 17 फरवरी को हटा दिया गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।