गुंडा-बदमाशों के माथे पर लगा कलंक अब हटेगा, इस IPS अधिकारी का पुलिसिंग का नया फंडा
गुंडा-बदमाशों के माथे पर लगा कलंक अब हटेगा, इस IPS अधिकारी का पुलिसिंग का नया फंडा

कोरबा। इस जिले के पुलिस कप्तान कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत नित-नए प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी उन्होंने एक ऐसी योजना बनाई है, जिससे पुलिस रिकॉर्ड में गुंडा-बदमाश के रूप में दर्ज लोगों को राहत जरूर मिलेगी। ऐसे लोग जिन्होंने बदमाशियां छोड़ दी हैं, उनका नाम अब पुलिस अपनी सूची से हटाने जा रही है।

हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल की, जो महात्मा गांधी के सन्देश “अपराध से घृणा करो – अपराधी से नहीं” इसी मूलमंत्र को आधार मानकर पुलिसिंग कर रहे हैं । भोजराम पटेल हमेशा नए-नए तरीकों से आम जनता को राहत पहुंचाने एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने हेतु जाने जाते हैं। उनके द्वारा अब जिले के ऐसे गुंडा एवं निगरानी बदमाश, जो कि अपराध जगत से नाता तोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं, उन बदमाशों के विरुद्ध पुलिसिया कार्यवाही बंद कर, उन्हें माफी देकर एक अवसर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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पुलिस रेगुलेशन में है इसका प्रावधान

छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन के पैरा क्र. 855 में प्रावधान है कि जो अपराधी लगातार अपराधिक गतिविधि में संलिप्त हो और उसकी आदतों में सुधार न हो रहा हो, उसे गुंडा बदमाश एवं निगरानीशुदा बदमाश की श्रेणी में सूचीबद्ध कर उनकी निगरानी की जाएगी। वहीं पैरा 857 के अनुसार जब बदमाश के चरित्र में सुधार परिलक्षित हो, तो उसका नाम सूची से पृथक कर दिया जाएगा ।

सुधार के बावजूद रहता है माथे पर कलंक

पुलिस अधीक्षक कोरबा भोजराम पटेल ने इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपने सेवाकाल में देखा है कि बहुत से बदमाश जो अपने जीवन के शुरुआती दौर में अपराध जगत में सक्रिय थे, उनके अपराध पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस द्वारा उन्हें निगरानी बदमाश एवं गुंडा बदमाश की सूची में शामिल किया गया था, किंतु बढ़ती उम्र व कानून द्वारा दंडित किए जाने के बाद वे वर्तमान में समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर जीवन यापन कर रहे हैं , मगर अभी भी उनका नाम गुंडा एवं निगरानी सूची में शामिल है। अब ऐसे बदमाशों को माफी देने का योजना बनाई गई है।

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इन बदमाशों को दी जाएगी माफ़ी

इस योजना के अंतर्गत ऐसे बदमाश जिनके विरुद्ध विगत 5 वर्षों में कोई शिकायत नहीं रही है, जो समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांति पूर्वक जीवन यापन कर रहे हैं, उन बदमाशों को माफी सूची में लाया जाएगा।

SP ने किया कमेटी का गठन

गुंडा बदमाशों को माफ़ी देने की योजना के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबाअभिषेक वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जो बदमाश विगत 5 वर्षों से समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं, उन्हें एक निर्धारित प्रोफार्मा में इस कमेटी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा, इस आवेदन का कमेटी द्वारा परीक्षण किया जाएगा, मामला माफी योग्य पाए जाने पर उस बदमाश को माफी बदमाश की सूची में शामिल करने हेतु कमेटी द्वारा अनुशंसा सहित प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत किया जाएगा। कमेटी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार पुलिस अधीक्षक माफी योग्य पाए गए बदमाशों का नाम माफी सूची में लाने का आदेश जारी करेंगे ।

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देखें आदेश :

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