संसद भवन

टीआरपी। केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना और 2029 के चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है।

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए यह खबर बेहद अहम है क्योंकि परिसीमन के बाद राज्य की लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है। महिला आरक्षण लागू होने से छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय मुद्दों और ग्रामीण विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

विधेयक की बारीकियां: क्या बदलना चाहती है सरकार?
केंद्र सरकार गुरुवार से शुरू हो रहे सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेगी। इस बिल का लक्ष्य लोकसभा सीटों की कुल संख्या बढ़ाकर 850 करना है। इसमें राज्यों से चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या 815 तय करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटें हैं, जिनमें भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सर्वसम्मति से पारित करने का आग्रह किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे 29 अप्रैल के बाद लाने की मांग की है।

परिसीमन विधेयक 2026: सीटों का नया समीकरण
सरकार परिसीमन विधेयक 2026 भी पेश करेगी, जिसके तहत नवीनतम जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण होगा। इसके लिए एक परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जस्टिस करेंगे। यह आयोग तय करेगा कि जनसंख्या के हिसाब से किस राज्य को कितनी अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।

इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक के जरिए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।

लोकसभा की प्रस्तावित नई सदस्य संख्या 850 होगी।

महिला आरक्षण के तहत 33% सीटें आरक्षित करने का लक्ष्य है।

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2002 के पुराने परिसीमन कानून को निरस्त कर नया कानून प्रभावी होगा।


यदि ये विधेयक पारित हो जाते हैं, तो भारत के चुनावी इतिहास का यह सबसे बड़ा बदलाव होगा। आने वाले महीनों में नए परिसीमन आयोग के गठन और सीटों के नए नक्शे पर काम शुरू हो जाएगा, जिसका सीधा असर 2029 के आम चुनाव में दिखाई देगा।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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