बुधवार, 28 अक्तूबर 2026 बुध, 28 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
• माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को दिया खास ऑफर! नौकरी छोड़ने पर मिलेगा पैसा और हेल्थ इंश्योरेंस, जानें क्यों लिया गया फैसला? • चक्रवात अर्नब से छत्तीसगढ़ में बदला मौसम, रायपुर में हो रही बारिश, बस्तर में रेड अलर्ट • CG Top 5 News: छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट, रायपुर में आज JCCJ का प्रदर्शन, पढ़े आज की 5 बड़ी खबरे • Dhamtari: छत्तीसगढ़ में आज भी जारी है सामाजिक बहिष्कार की कुप्रथा, धमतरी के एक गांव में परिवार झेल रहा प्रताड़ना, पीड़ितों ने दी सामूहिक आत्महत्या की धमकी • Dhamtari: मोबाइल की लत ने उजाड़ा परिवार, भाइयों में मोबाइल को लेकर हुआ झगड़ा, बड़े भाई ने डंडे से पीट-पीटकर छोटे को मार डाला
Raipur

Chhattisgarh: रियासतों के गौरवशाली इतिहास से रूबरू हो सकेंगे आम लोग, ‘रियासत वीथिका’ में एक छत के नीचे दिखेगा छत्तीसगढ़ की 14 राजघरानों का गौरवशाली इतिहास

‘Riyasat Vithika’ rich legacy of Chhattisgarh: आजादी से पहले छत्तीसगढ़ में 14 देसी रियासतें अस्तित्व में थीं – रायगढ़, सरगुजा, सारंगढ़, कवर्धा, खैरागढ़, छुईखदान, उदयपुर-धरमजयगढ़, सक्ती समेत अन्य। इन रियासतों का गौरवशाली इतिहास, शाही परंपराएं और दुर्लभ धरोहरें अब बिखरी हुई हैं। किसी राजमहल में, किसी निजी संग्रह में तो किसी स्थानीय संग्रहालय में। अब […]

riyasat vithika thumbnel
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

‘Riyasat Vithika’ rich legacy of Chhattisgarh: आजादी से पहले छत्तीसगढ़ में 14 देसी रियासतें अस्तित्व में थीं – रायगढ़, सरगुजा, सारंगढ़, कवर्धा, खैरागढ़, छुईखदान, उदयपुर-धरमजयगढ़, सक्ती समेत अन्य। इन रियासतों का गौरवशाली इतिहास, शाही परंपराएं और दुर्लभ धरोहरें अब बिखरी हुई हैं। किसी राजमहल में, किसी निजी संग्रह में तो किसी स्थानीय संग्रहालय में। अब आम लोग इस पूरे इतिहास से एक ही जगह रूबरू हो सकेंगे।

राज्य सरकार रायपुर में ‘रियासत वीथिका’ (Riyasat Vithika) स्थापित करने जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उद्योग भवन स्थित सभाकक्ष में इसको लेकर बड़ी बैठक हुई। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए राज परिवारों के वंशजों को पूरा प्लान बताया और उनसे सुझाव लिए।

क्या है रियासत वीथिका की योजना?

इस वीथिका में होगा –

  • राजदरबारी परंपराएं और राजचिह्न
  • पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, तलवारें
  • प्राचीन सिक्के, मुहरें, ऐतिहासिक दस्तावेज
  • तीज-त्योहार, रीति-रिवाजों का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि प्रदेश का इतिहास पर्यटन, संस्कृति और पुरातत्व की दृष्टि से बेहद समृद्ध है। रियासतों ने छत्तीसगढ़ को देश में अलग पहचान दिलाई है। सरकार ऐतिहासिक महलों को हेरिटेज होटल और होमस्टे के रूप में भी विकसित करेगी।

राज परिवारों की भागीदारी

बैठक में रायगढ़ राजघराने से राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, सरगुजा से आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, कुमुदिनी देवी, सारंगढ़ से परिवेश मिश्र, कवर्धा से योगेश्वर राज सिंह, छुईखदान से गिरिराज किशोर दास, उदयपुर-धरमजयगढ़ से जितेंद्र नरसिंह राणा, खैरागढ़ से आर्यव्रत सिंह समेत कई वंशज शामिल हुए। सक्ती और सरगुजा के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े।

इस गैलरी में राजचिह्न, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्के, मुहरें और ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ रियासतों के तीज-त्योहारों और रीति-रिवाजों की जानकारी भी दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों को प्रदेश के इतिहास को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

राजपरिवारों से लिए जा रहे सुझाव

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने बैठक में प्रेजेंटेशन के जरिए योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीथिका के विकास में राजपरिवारों के सुझाव और मार्गदर्शन को महत्व दिया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो अलग-अलग रियासतों से ऐतिहासिक सामग्री और जानकारियां जुटाएगा।

पर्यटन और शोध के नए अवसरों के साथ सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी मजबूती

रियासत वीथिका की स्थापना से छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है। यह गैलरी विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकेगी। राज परिवारों के सहयोग से विकसित होने वाली यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने और भावी पीढि़यों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रत्येक रियासत के लिए होगा नोडल अधिकारी

प्रत्येक रियासत के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो ऐतिहासिक सामग्री का संकलन और दस्तावेजीकरण करेगा। संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे और टूरिज्म बोर्ड MD सौमिल रंजन चौबे भी मौजूद रहे।

इस पहल से न सिर्फ नई पीढ़ी अपने इतिहास से जुड़ेगी बल्कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी यह आकर्षण का केंद्र बनेगी।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. रियासत वीथिका क्या है और कहां बनेगी?
रियासत वीथिका छत्तीसगढ़ की 14 पूर्ववर्ती देसी रियासतों के इतिहास और धरोहरों को एक जगह प्रदर्शित करने के लिए बनाई जा रही एक विशेष गैलरी/संग्रहालय है। यह रायपुर में स्थापित की जाएगी।

Q2. छत्तीसगढ़ की 14 रियासतें कौन-कौन सी हैं?
आजादी से पहले छत्तीसगढ़ में रायगढ़, सरगुजा, सारंगढ़, कवर्धा, खैरागढ़, छुईखदान, उदयपुर-धरमजयगढ़, सक्ती, कांकेर, बस्तर, राजनांदगांव, कोंडागांव सहित 14 प्रमुख रियासतें थीं।

Q3. इस वीथिका में क्या-क्या देखने को मिलेगा?
यहां राजचिह्न, पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्के, मुहरें, ऐतिहासिक दस्तावेज, राजदरबारी परंपराएं और तीज-त्योहारों की झलकियां प्रदर्शित की जाएंगी।

Q4. इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना, नई पीढ़ी, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों को प्रदेश के राजसी इतिहास से जोड़ना और हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देना है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन