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Raipur: फरार शोएब ढेबर के ‘खबरी’ दो कांस्टेबल लाइन अटैच, पुलिस छापेमारी की सूचना हो रही थी लीक

रायपुर। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कांग्रेस नेता आनंदमल कुकरेजा से फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर केस में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की छापेमारी की सूचना पहले ही आरोपी तक पहुंचने की आशंका के बाद दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया गया है। […]

Raipur: फरार शोएब ढेबर के ‘खबरी’ दो कांस्टेबल लाइन अटैच, पुलिस छापेमारी की सूचना हो रही थी लीक
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर कांग्रेस नेता आनंदमल कुकरेजा से फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर केस में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की छापेमारी की सूचना पहले ही आरोपी तक पहुंचने की आशंका के बाद दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार तेलीबांधा थाना में पदस्थ आरक्षक 733 अजीत कुमार गुप्ता और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) में पदस्थ आरक्षक शिवम द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र रायपुर सम्बद्ध किया गया है। दोनों पर लापरवाही का आरोप है, हालांकि स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं किया गया है।

DCP के आदेश में क्या लिखा है?

डीसीपी मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल द्वारा जारी आदेश में लिखा है कि ”थाना तेलीबांधा में पदस्थ आरक्षक 733 अजीत कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र रायपुर सम्बद्ध किया जाता है।” वहीं क्राइम एवं साइबर डीसीपी स्मृतिक राजनाला के आदेश में कहा गया है कि ”आरक्षक शिवम द्विवेदी एंटी क्राइम साइबर यूनिट को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र पुलिस कमिश्नरेट रायपुर वापस किया जाता है।”

क्या है 25 करोड़ की रंगदारी का पूरा मामला?

दरअसल कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को अज्ञात नंबर से धमकी भरा कॉल आया था, जिसमें खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बताकर 25 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। शिकायत पर तेलीबांधा और ACCU ने जांजगीर-चांपा निवासी एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने शोएब ढेबर का नाम उगला। 26 सितंबर की देर रात शोएब को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।

कोर्ट से अनुमति के बाद भी फरार है शोएब

जमानत के बाद रायपुर पुलिस ने कोर्ट से फिर से गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। 29 सितंबर को कोर्ट ने अनुमति दे दी। इसके बाद पुलिस ने पाम बेलाजिओ, बैरन बाजार और पारिवारिक आवास समेत आधा दर्जन ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन शोएब हाथ नहीं लगा। आशंका है कि अंदरूनी सूचना लीक होने से वह पहले ही फरार हो गया। अब पुलिस दूसरे राज्यों में भी उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. दो कांस्टेबल क्यों लाइन अटैच किए गए?
फरार शोएब ढेबर तक पुलिस छापेमारी की सूचना पहले ही लीक होने की आशंका पर लापरवाही के आरोप में।

Q2. लाइन अटैच हुए कांस्टेबल कौन हैं?
तेलीबांधा थाना के आरक्षक 733 अजीत कुमार गुप्ता और ACCU के आरक्षक शिवम द्विवेदी।

Q3. आदेश किसने जारी किया?
DCP मध्य तारकेश्वर पटेल और क्राइम एवं साइबर DCP स्मृतिक राजनाला ने।

Q4. शोएब ढेबर पर क्या आरोप है?
कांग्रेस नेता आनंदमल कुकरेजा से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप।

Q5. शोएब अभी कहां है?
26 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छूटा, 29 सितंबर को कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति के बाद से फरार है। पुलिस पाम बेलाजिओ, बैरन बाजार समेत कई ठिकानों पर दबिश दे चुकी है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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