शैलेश नितिन त्रिवेदी
शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने टूलकिट मामले में कहा कि अपने अपराधों की गम्भीरता से ध्यान भटकाने के लिए रमन सिंह और भाजपा थानों के घेराव और गिरफ्तारी की नौटंकी कर रहे हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि डॉ. रमन सिंह पूर्व में झीरम कांड, नानघोटाले, अगुस्ता हेलीकाप्टर घोटाले, पुष्प स्टील घोटाले में और अंतागढ़ कांड में भी संदिग्ध हैं। यह सही समय है कि वे इन मामलों में भी बयान देने का साहस दिखाएं।

संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि रमन सिंह ने जो दस्तावेज ट्विटर पर शेयर किये थे वे दस्तावेज फर्जी थे। ट्विटर ने इस पर छेड़छाड़कर बनाया गया दस्तावेज़ यानी ‘मेन्यूप्यूलेटेड मीडिया’ की मुहर लगा दी। बीबीसी, ऑल्ट न्यूज और सभी जाने माने प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने इन दस्तावेजों को फर्जी पाया। कांग्रेस के दस्तावेज कुछ और थे उन दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके रमन सिंह ने इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया। फर्जी दस्तावेजों को सही बता कर फैलाना एक अपराध है।

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कांग्रेस का कहना है कि रमन सिंह किसी का भी नाम ले, कोई भी आरोप लगा लें जो अराजकता रमन सिंह जी के शासनकाल में हुई नसबंदी कांड, अंखफोड़वा कांड, झलियामारी, सारकेगुड़ा, पेद्दागेलूर, मीना खल्खों कांड और झीरम कांड अभी छत्तीसगढ़ के लोग उन कांडों को भूले नहीं है। कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले रमन सिंह जी अपने 15 साल के काले कार्यकाल को याद कर लें।

रमन सिंह पर कांग्रेस ने दागे सवाल

  • रमन मेडिकल स्टोर्स के पते पर खुले विदेशी खाते, नान घोटाले की डायरी में दर्ज सीएम मैडम की की हकीकत क्या है?
  • झीरम के षडयंत्र जांच उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुये क्यों नहीं होने दी?
  • उनकी केन्द्र सरकार हर बार झीरम कांड के षडयंत्र की जांच को क्यों रोकती है?
  • रमन सिंह को यह भी बताना चाहिये कि वे क्या छिपाना चाहते हैं और क्यों छिपाना चाहते हैं।
  • उन्हें यह भी बताना चाहिये कि जिस जगह कांग्रेस के कार्यकर्ता के काफिले पर हमला हुआ ठीक वहीं पर पुलिस की सुरक्षा क्यों नहीं थी?
  • कथित माओवादियों के हमले की जगह पर पुलिस सुरक्षा न होने के बीच क्या संबंध था?
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रमन सिंह ने माना तथाकथित टूलकिट को अपने ट्विटर हैंडल से प्रसारित किया है

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि रमन सिंह जिस अंदाज में सिविल लाइन थाने जबाब देने पहुचे थे उससे साफ हो गया कि उनकी निगाह में कानून का कोई सम्मान नही है। पुलिस ने उनसे जानकारियां मांगी है यदि उनकी मंशा साफ होती तो अकेले या अपने अधिवक्ता के साथ जा कर पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध करवा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया। रमन सिंह ने ऐसा उस समय किया जब कि राजधानी में धारा 144 लागू है, पेंडेमिक एक्ट लागू है लेकिन उन्होंने भीड़ एकत्रित कर सारे नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाई उन्होंने जन जीवन को खतरे में डालने का काम किया।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि रमन सिंह ने पुलिस को दिए अपने लिखित बयान के अंतिम पैरा ग्राफ में यह स्वीकार किया कि उन्होंने तथाकथित टूलकिट को अपने ट्विटर हैंडल से प्रसारित किया। उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस ने इस टूलकिट को बनाया है। रमन सिंह के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि कांग्रेस ने इस तथाकथित टूल किट को बनाया है तो इसका प्रमाण क्यो नही प्रस्तुत करते। जबकि ट्विटर ने और अनेक प्रतिष्ठित माध्यमों ने मान लिया है कि भाजपा द्वारा पोस्ट किया गया टूलकिट फेब्रिकेटेड है।

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