RBI Loan Recovery Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन पर खरीदे गए मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जैसे गैजेट्स की रिकवरी को लेकर सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं। नए नियमों के तहत EMI चूकते ही बैंक या फाइनेंस कंपनी डिवाइस को तुरंत रिमोटली लॉक नहीं कर सकेगी।
डिवाइस पर पाबंदी लगाने से पहले ग्राहक को नोटिस देना होगा। साथ ही रिकवरी के दौरान जरूरी सुविधाओं और ग्राहक की निजी जानकारी की सुरक्षा के भी नियम तय किए गए हैं।
30 दिन की देरी पर पहले नोटिस
अगर किसी ग्राहक ने मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट खरीदने के लिए लोन लिया है और EMI समय पर नहीं चुकाई, तो डिवाइस को तुरंत बंद नहीं किया जा सकेगा। EMI 30 दिन से ज्यादा बकाया रहने पर ग्राहक को पहले नोटिस दिया जाएगा और कुछ पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। वहीं EMI 60 दिन से अधिक बकाया होने की स्थिति में बैंक या फाइनेंस कंपनी डिवाइस को पूरी तरह बंद करने की कार्रवाई कर सकती है।
हर तरह के लोन पर लागू नहीं होगा नियम
यह नियम केवल उन मामलों में लागू होगा, जहां लोन खास तौर पर किसी डिवाइस की खरीद के लिए लिया गया हो। अगर किसी व्यक्ति ने पर्सनल लोन या ऐसा कंज्यूमर लोन लिया है, जो सीधे मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की खरीद से जुड़ा नहीं है, तो उस डिवाइस को लोन की रिकवरी के लिए रिमोटली लॉक नहीं किया जा सकेगा।
डिवाइस लॉक होने पर भी ये सुविधाएं रहेंगी चालू
RBI के नए फ्रेमवर्क के तहत डिवाइस पर पाबंदी लगाने के दौरान जरूरी संचार सुविधाओं को बंद नहीं किया जा सकेगा। इनकमिंग कॉल, SMS और SOS जैसी इमरजेंसी कम्युनिकेशन सुविधाएं चालू रखनी होंगी। इसके अलावा नौकरी और जरूरी कामकाज से जुड़े आवश्यक फीचर्स को भी बंद नहीं किया जाएगा।
निजी डेटा तक नहीं पहुंच सकेंगे रिकवरी एजेंट
रिकवरी के नाम पर ग्राहक की निजी जानकारी तक पहुंच बनाने पर भी रोक लगाई गई है। डिवाइस पर बैन लगाने के दौरान रिकवरी एजेंट कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो, वीडियो, मैसेज, कॉल लॉग, लोकेशन हिस्ट्री या अन्य निजी जानकारी एक्सेस नहीं कर सकेंगे। इसका मकसद लोन रिकवरी की प्रक्रिया के दौरान ग्राहक की प्राइवेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रिकवरी एजेंटों के लिए भी तय हुई समय सीमा
RBI के निर्देशों के तहत बैंकों को विस्तृत रिकवरी पॉलिसी बनानी होगी। किसी रिकवरी एजेंसी को नियुक्त करने से पहले उसकी उचित जांच-पड़ताल भी करनी होगी। रिकवरी एजेंट ग्राहकों से सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा बैंकों को रिकवरी एजेंटों की सभी कॉल रिकॉर्ड करना और रिकॉर्ड को कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।


