Naxal-Free India: नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि आजादी के बाद 75 साल में 60 साल तो आपने राज किया। फिर आदिवासी विकास से क्यों बच गए। आपने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।

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गृह मंत्री ने आगे कहा कि बस्तर के लोगों को पहले लाल आतंक की छाया में विकास से वंचित रखा गया था। अब वह छाया हट चुकी है और क्षेत्र विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने उन लोगों से सवाल किया जो सशस्त्र आंदोलन की वकालत करते हैं। गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि, ‘क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? अगर अन्याय होता है तो अदालतें, विधानसभाएं, जिला परिषदें और तहसीलें बनी हुई हैं।

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Naxal-Free India: नक्सलवाद का विकास से कोई लेना-देना नहीं

लोकसभा में चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद या माओवाद का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विचारधारा केवल हथियारों के दम पर सत्ता हथियाने के लिए फैलाई गई थी। शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समय में इस विचारधारा को स्वीकार किया गया, जिसके कारण छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में ‘रेड कॉरिडोर’ बन गया और सैकड़ों युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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