सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 सोम, 19 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
धर्म अध्यात्म

Dussehra 2026 Date: 20 या 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी विजयादशमी? जानें शुभ मुहूर्त

Dussehra 2026 Date: दशहरा यानी विजयादशमी 2026 की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में यह पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसकी वजह आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का अगले दिन तक रहना है। ऐसे […]

Dussehra 2026 Date
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Dussehra 2026 Date: दशहरा यानी विजयादशमी 2026 की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में यह पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

इसकी वजह आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का अगले दिन तक रहना है। ऐसे में पूजा, शस्त्र पूजन और रावण दहन की तैयारी करने से पहले अपने क्षेत्र के पंचांग और आयोजन का समय जानना जरूरी है।

दशहरा 2026 कब है 20 या 21 अक्टूबर?

हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

पश्चिम बंगाल में इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन और सिंदूर खेला जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहार मनाने की तारीख स्थानीय पंचांग और परंपराओं के अनुसार तय होती है।

दशमी तिथि कब शुरू होगी और कब खत्म?

नई दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। दशमी तिथि दो दिनों तक रहने के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में विजयादशमी की तारीख में अंतर है। पूजा के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

विजयादशमी 2026 का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली के लिए 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक बताया गया है। वहीं, अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:19 बजे से 3:37 बजे तक है। दशहरे पर लोग अपनी परंपरा के अनुसार भगवान श्रीराम, मां दुर्गा और शस्त्रों की पूजा करते हैं। दूसरे शहरों में मुहूर्त का समय अलग हो सकता है।

दशहरा 2026 पर रावण दहन कब होगा?

उत्तर भारत में 20 अक्टूबर की शाम रामलीला के समापन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, रावण दहन सूर्यास्त के बाद किया जाता है। हालांकि, पूरे देश में रावण दहन का एक ही समय निर्धारित नहीं है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय रामलीला समितियां और आयोजक कार्यक्रम का समय तय करते हैं। इसलिए रावण दहन देखने जाने से पहले अपने शहर के आयोजन की जानकारी जरूर लें।

क्यों मनाया जाता है दशहरा?

दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था। इस विजय की याद में रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा और महिषासुर के युद्ध से भी है। मान्यता है कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। यह पर्व शक्ति, साहस और धर्म की विजय का संदेश देता है।

दशहरे पर शस्त्र पूजन और शमी पूजा का महत्व

दशहरे पर शस्त्र पूजन और शमी वृक्ष की पूजा करने की परंपरा है। कई जगह लोग अपने वाहन, औजार, मशीनों और कामकाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की भी पूजा करते हैं। व्यापारी वर्ग इस दिन बही-खातों और कारोबार से जुड़ी वस्तुओं का पूजन करता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजयादशमी पर शुभ कार्य करने से सफलता और समृद्धि की कामना की जाती है। पूजा की विधि और समय क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

5 FAQs

1. दशहरा 2026 कब मनाया जाएगा?

दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

2. दशमी तिथि कब से कब तक रहेगी?

नई दिल्ली के लिए दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे समाप्त होगी।

3. दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में 20 अक्टूबर को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक बताया गया है।

4. दशहरा 2026 पर रावण दहन कब होगा?

उत्तर भारत में 20 अक्टूबर की शाम रामलीला के समापन के बाद रावण दहन होगा। सटीक समय शहर और आयोजन समिति के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।

5. दशहरे पर शस्त्र पूजन क्यों किया जाता है?

परंपरा के अनुसार, दशहरे पर शस्त्रों की पूजा की जाती है। कई जगह लोग वाहन, औजार, मशीनों और कारोबार में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं का भी पूजन करते हैं।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन