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Ganesh Visarjan 2026: डेढ़ दिन से 11वें दिन तक कब करें बप्पा का विसर्जन? जानें हर दिन की तारीख और शुभ मुहूर्त

Ganesh Visarjan 2026 Shubh Muhurat and Dates
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Ganesh Visarjan 2026 Dates and Shubh Muhurat: गणेशोत्सव के दौरान गणपति बप्पा की स्थापना के बाद उनके विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या ग्यारहवें दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं। शास्त्रों में इन विषम अवधियों को गणपति विसर्जन के लिए शुभ माना गया है।

गणेश चतुर्थी के दिन मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित की गई प्रतिमाओं का विसर्जन प्रायः अनंत चतुर्दशी के अवसर पर किया जाता है। हालांकि, घरों में गणपति की स्थापना करने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार इससे पहले भी बप्पा को विदाई दे सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में किन-किन तारीखों पर गणेश विसर्जन किया जा सकता है और इन दिनों कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे।

गणेश विसर्जन 2026: परंपरा और धार्मिक महत्व

हिन्दू पंचांग के अनुसार, गणेशोत्सव का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों और पंडालों में विधि-विधान से गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। इसके बाद अपनी परंपरा, मन्नत और सुविधा के अनुसार बप्पा को डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 11वें दिन विदा किया जाता है। मान्यता है कि सही मुहूर्त में विसर्जन करने से बप्पा भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं और अगले बरस जल्दी आने का आशीर्वाद देकर जाते हैं।

15 सितंबर 2026 मुहूर्त:

अपराह्न मुहूर्त दोपहर 03:21 बजे से 04:54 बजे तक; सायाह्न मुहूर्त शाम 07:54 बजे से रात 09:21 बजे तक।

16 सितंबर 2026: गणेश विसर्जन और शुभ मुहूर्त

गणपति विसर्जन के लिए 16 सितंबर 2026 का दिन भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं जिनमें बप्पा को विदा किया जा सकता है।

प्रातः मुहूर्त (शुभ): सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक।

अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ): दोपहर 03:20 बजे से शाम 06:25 बजे तक।

सायाह्न मुहूर्त: शाम 07:53 बजे से रात 12:16 बजे तक (17 सितंबर)।

प्रातः मुहूर्त (लाभ, अमृत): सुबह 06:06 बजे से 09:11 बजे तक।

18 और 20 सितंबर 2026: पांचवें और सातवें दिन का विसर्जन

जो भक्त पांच दिन या सात दिन के गणेशोत्सव का व्रत रखते हैं, वे इन तिथियों पर बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं।

18 सितंबर 2026 मुहूर्त: प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) सुबह 06:07 बजे से 10:43 बजे तक; अपराह्न मुहूर्त (शुभ) दोपहर 12:15 बजे से 01:47 बजे तक; रात्रि मुहूर्त (लाभ) रात 09:19 बजे से 10:47 बजे तक।

20 सितंबर 2026 मुहूर्त: प्रातः मुहूर्त सुबह 07:40 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक; अपराह्न मुहूर्त (शुभ) दोपहर 01:46 बजे से 03:17 बजे तक; सायाह्न मुहूर्त शाम 06:20 बजे से रात 10:46 बजे तक।

25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी): 11वें दिन का मुख्य विसर्जन

गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है, जिसे मुख्य विसर्जन दिवस भी माना जाता है। इस दिन सार्वजनिक पंडालों और बड़े स्तर पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।

अपराह्न मुहूर्त (शुभ): दोपहर 12:13 बजे से 01:43 बजे तक।

अपराह्न मुहूर्त (चर): शाम 04:44 बजे से 06:14 बजे तक।

रात्रि मुहूर्त (लाभ): रात 09:14 बजे से 10:43 बजे तक।

  • गणेश विसर्जन के लिए भक्त अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या 11वें दिन (अनंत चतुर्दशी) गणेश विसर्जन कर सकते हैं।
  • वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी या मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
  • घरों में स्थापित होने वाले गणपति का विसर्जन डेढ़, तीन, पाँच, सात या ग्यारहवें दिन शुभ मुहूर्त देखकर किया जाता है।
  • 16 सितंबर 2026 को विसर्जन के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 10:43 से दोपहर 12:16 बजे तक और दोपहर 03:20 से शाम 06:25 बजे तक का समय विसर्जन के लिए बहुत शुभ है।
  • गणेश विसर्जन से पहले बप्पा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें, उन्हें मोदक का भोग लगाएं, क्षमा प्रार्थना करें और फिर पूरे सम्मान के साथ विसर्जन करें।
Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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