टीआरपी डेस्क। देशभर में 2 अप्रैल को हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2026) का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। लेकिन इस बार की चैत्र पूर्णिमा सिर्फ साधारण पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल में एक ऐसा ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है जो करोड़ों लोगों के जीवन की दिशा बदल देगा। दरअसल, इस पावन अवसर पर ग्रहों के सेनापति मंगल देव (Mars Transit) मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां न्याय के देवता शनि देव (Saturn) पहले से ही विराजमान हैं।

मंगल और शनि का दुर्लभ संयोग: इन 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

ज्योतिषियों के मुताबिक, मीन राशि में मंगल और शनि का एक साथ आना एक बेहद शक्तिशाली और दुर्लभ योग बना रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस खास संयोग से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस गोचर (Transit) का सबसे ज्यादा और सकारात्मक लाभ इन भाग्यशाली राशियों को मिलने वाला है

See also  Horoscope 29 January 2023 : सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल

वृषभ राशि (Taurus): आपके लंबे समय से रुके हुए काम अब रॉकेट की रफ्तार से पूरे होंगे। आर्थिक तंगी दूर होने के प्रबल संकेत हैं और धन लाभ की स्थिति बन रही है।

मिथुन राशि (Gemini): करियर और बिजनेस में तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे। अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो इस हनुमान जयंती आपको बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

सिंह राशि (Leo): आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी। समाज और दफ्तर में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। पुरानी शारीरिक व्याधियों और बीमारियों से राहत मिलने के योग हैं।

तुला राशि (Libra): पारिवारिक कलह खत्म होगी और जीवन में खुशहाली आएगी। कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद के मामलों में आपको बड़ी सफलता मिल सकती है।

मंदिरों में विशेष तैयारी, गूंजेगा हनुमान चालीसा

संकट मोचन हनुमान मंदिरों में इस दुर्लभ संयोग को देखते हुए विशेष अनुष्ठान और महाआरती की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि, मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त इस दिन सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ कर ग्रहों के इस शुभ प्रभाव को कई गुना बढ़ा सकते हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहों का यह सकारात्मक बदलाव न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाएगा, बल्कि शेयर बाजार और व्यापारिक क्षेत्र में भी बड़ी तेजी ला सकता है।

See also  Chaitra Navratri 2025 : चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानिए महत्व और पूजाविधि