Hartalika Teej and Ganesh Chaturthi celebrated on the same day on September 14 2026
Hartalika Teej and Ganesh Chaturthi celebrated on the same day on September 14 2026

Hartalika Teej Ganesh Chaturthi 2026: इस बार धार्मिक पर्वों को लेकर बेहद खास संयोग बनने जा रहा है। देश के प्रमुख पंचांगों की गणना के अनुसार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को एक ही दिन मनाई जाएगी।

आमतौर पर हरतालिका तीज के अगले दिन गणेश चतुर्थी का पर्व आता है, लेकिन इस बार तिथियों के विशेष मेल के कारण दोनों पर्व एक ही दिवस पर पड़ रहे हैं। धार्मिक दृष्टि से इस संयोग को खास माना जा रहा है, क्योंकि एक ही दिन भगवान शिव-पार्वती और प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना होगी। सुबह घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की तैयारियां होंगी, जबकि शाम के समय सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत और पूजन करेंगी।

50 साल बाद फिर बना ऐसा संयोग

पंचांग गणना के मुताबिक, ऐसा संयोग लंबे अंतराल के बाद देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले 1976 में हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन आई थीं। इसके बाद अब करीब 50 साल बाद दोनों पर्वों की तिथियां एक साथ पड़ रही हैं। यही वजह है कि इस बार का पर्व धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष चर्चा में है। श्रद्धालुओं के बीच भी दोनों पर्व एक साथ पड़ने को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।

See also  रामलला की मूर्ति का हुआ फाइनल सिलेक्शन, गर्भगृह में स्थापित होगी इस कलाकार की बनाई प्रतिमा

तृतीया और चतुर्थी तिथि के मेल से बना संयोग

पंडितों के अनुसार, यह स्थिति तृतीया तिथि के विस्तार और उसी दिन मध्याह्न काल में चतुर्थी तिथि के प्रवेश के कारण बन रही है। भारतीय पंचांग व्यवस्था में किसी पर्व की पूजा के लिए संबंधित तिथि के विशेष कालखंड को महत्व दिया जाता है। गणेश चतुर्थी पर गणेश स्थापना के लिए मध्याह्न काल को शुभ माना जाता है, जबकि हरतालिका तीज का व्रत सूर्योदय से शुरू होकर शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ संपन्न किया जाता है। ऐसे में दोनों पर्वों के पूजा काल अलग-अलग होने के कारण एक ही दिन दोनों धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकेंगे।

सुबह गणपति स्थापना, शाम को तीज पूजन

14 सितंबर को श्रद्धालुओं के लिए दिन की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ होगी। घरों में विधि-विधान से गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके बाद शाम के समय सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगी। हरतालिका तीज पर महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं मिट्टी या बालू से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा करती हैं।

See also  8 November 2020 Rashifal: त्यौहारों के सीजन में आज इन राशियों के लिए धनदायक दिन

प्रमुख पंचांगों में एकरूपता

इस बार तीज और गणेश चतुर्थी की तिथियों को लेकर प्रमुख पंचांगों में भी एकरूपता बताई गई है। नीमच के निर्णय सागर पंचांग, जबलपुर के बाबूलाल भुवन विजय पंचांग, बनारस के ऋषिकेश पंचांग और रायपुर के देव पंचांग में दोनों पर्वों के 14 सितंबर को पड़ने का उल्लेख किया गया है। पंचांगों के अनुसार, तृतीया और चतुर्थी तिथि के समय-चक्र के इस विशेष मेल के कारण दोनों पर्वों के अनुष्ठान एक ही दिन किए जाएंगे।

सरकारी कैलेंडर में भी 14 सितंबर को अवकाश

हरतालिका तीज को लेकर प्रदेश में शासकीय अवकाश भी निर्धारित है। सरकारी कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष 14 सितंबर को हरतालिका तीज का अवकाश दिया गया है। वहीं गणेश चतुर्थी को लेकर भी 14 सितंबर को वैकल्पिक अवकाश का उल्लेख है। यानी इस बार 14 सितंबर का दिन धार्मिक और सामाजिक दोनों लिहाज से खास रहने वाला है। एक ही दिन गणपति बप्पा का स्वागत और हरतालिका तीज की पूजा होने से श्रद्धालुओं के लिए यह पर्व आस्था, परंपरा और तिथियों के अनोखे संगम का गवाह बनेगा।

See also  आज का राशिफल 4 सितंबर- इस राशि वालों को राजनेता का सहयोग मिलेगा

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।