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8 नवंबर को चमकेगा आपका भाग्य, दीवाली पर वृषभ और प्रदोष काल का अद्भुत संयोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Diwali 2026,
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Diwali 2026: दिवाली का त्योहार इस साल 8 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा।
  • इस दिन शाम को माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी।
  • पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा।
  • वहीं, इस बार गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन नहीं, बल्कि 10 नवंबर को होगी।

Diwali 2026: दिवाली का त्योहार इस साल 8 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शाम को माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा। वहीं, इस बार गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन नहीं, बल्कि 10 नवंबर को होगी। भाई दूज का पर्व 11 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इसे दीपों का त्योहार भी कहा जाता है। इस दिन लोग घरों और दुकानों को दीपों, रंगोली और रोशनी से सजाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दिवाली की रात माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है।

दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

दिवाली पर शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान लोग घरों और दुकानों में पूजा करते हैं और दीप जलाते हैं। आइए जानते है दिवाली पूजा की तारीख और मुहुर्त।

दिवाली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार

प्रदोष काल: शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक

वृषभ काल: शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना शुभ माना जाता है। इस दौरान घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर दीपक जलाए जाते हैं। भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा भी की जाती है।

धनतेरस से शुरू होगा पांच दिवसीय दीपोत्सव

दिवाली का उत्सव धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। पांच दिनों के पर्व का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इन दिनों लोग घरों को सजाते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं।

गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को क्यों होगी?

आमतौर पर कई जगहों पर दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। हालांकि, इस साल गोवर्धन पूजा का पर्व 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इसकी वजह कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे शुरू होगी और 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को की जाएगी। गोवर्धन पूजा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्रदेव के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। उन्होंने सात दिनों तक पर्वत को धारण कर गोकुलवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की थी। तभी से गोवर्धन पूजा की परंपरा चली आ रही है।

भाई दूज 11 नवंबर को मनाई जाएगी

दिवाली के बाद भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में भाई दूज 11 नवंबर दिन बुधवार को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज का संबंध भगवान यमराज और उनकी बहन यमुना से है। कहा जाता है कि एक बार यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे थे। यमुना ने उनका स्वागत किया और माथे पर तिलक लगाकर भोजन कराया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें वरदान दिया। कहा जाता है कि, इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाएगा, उसे सुख-समृद्धि और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलेगा। इसी मान्यता के चलते भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनके अच्छे जीवन की कामना करती हैं।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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