टीआरपी। Jyeshtha month lasting 59 days. : साल 2025 को खत्म होने में मात्र सप्ताहभर शेष रह गया है। इसके बाद 2026 की शुरूआत हो जाएगी। नए साल की खासियत यह है कि इस वर्ष हिंदू संवत्सर यानी हिंदू नववर्ष 12 महीनों का नहीं, बल्कि 13 महीनों का पड़ेगा। ज्येष्ठ महीना दो बार आएगा। यह महीना 60 दिनों का होगा। एक ही महीना दो बार आने से इसे पुरूषोत्तम मास कहा जाता है। वर्तमान में विक्रम संवत 2082 चल रहा है। अगले वर्ष 2083 में 13 महीनों का संयोग बनेगा।


अंग्रेजी नववर्ष की शुरूआत 1 जनवरी से ही होती है, लेकिन हिंदू नववर्ष यानी हिंदू संवत्सर की शुरूआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। यह तिथि हर साल अंग्रेजी नववर्ष के मार्च अथवा अप्रैल महीने में अलग-अलग तारीख पर पड़ती है। अंग्रेजी महीना के दिन निर्धारित होते हैं। कुछ महीने 30 दिनों के और कुछ महीने 31 दिनों के होते हैं। फरवरी महीना 28 दिनों का होता है, केवल चार वर्ष में एक बार फरवरी महीना 29 दिनों का होता है, जिसे लीप ईयर कहा जाता है।

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हिंदू पंचांग में हर साल 11 दिनों की वृद्धि


हिंदू संवत्सर का कोई-कोई महीना 28 से लेकर 31 दिनों तक का होता है। किसी महीने में दिन घट जाते हैं तो किसी महीने में दिन बढ़ जाते हैं। इस तरह एक वर्ष में लगभग 11 दिन बढ़ जाते हैं और तीन वर्ष में 30 से 33 दिन बढ़ जाते हैं। इन बढ़े हुए दिनों में संतुलन बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त महीना मनाया जाता है। इस कारण हर तीसरे वर्ष में एक महीना बढ़ जाता है, इस बढ़े हुए महीने को ही पुरूषोत्तम मास कहा गया है। इसे अत्यंत पवित्र माह माना जाता है।


अंग्रेजी नववर्ष सूर्य और हिंदू पंचांग चंद्र पर आधारित


अंग्रेजी नववर्ष की गणना सूर्य पर आधारित होती है और हिंदू पंचांग की गणना चंद्र पर आधारित होती है। चंद्रमा का मासिक चक्र सूर्य की तुलना में थोड़ा छोटा होता है। सूर्य और चंद्रमा की गणना में एक वर्ष में 11 दिनों का अंतर होता है। तीन वर्ष में यह अंतर 33 दिनों का हो जाता है।

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ज्येष्ठ माह 1 मई से 29 जून तक


साल 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरूआत 1 मई से होगी और समापन 29 जून को होगा। इस तरह ज्येष्ठ महीना 60 दिनों का होगा। इसमें शुरू के 15 दिन और आखिरी के 15 दिन साधारण ज्येष्ठ माह रहेगा। बीच के दिनों को पुरूषोत्तम मास के रूप में मनाया जाएगा। यानी, 2 मई से लेकर 16 मई तक के दिन साधारण ज्येष्ठ मास के दिन होंगे।


17 मई से 15 जून तक पुरूषोत्तम मास


इसके बाद 17 मई से लेकर 15 जून तक पुरूषोत्तम मास मनाया जाएगा। इन दिनों में पूजा, पाठ, दान-पुण्य का विशेष महत्व है। पुरूषोत्तम मास खत्म होने के बाद फिर 16 जून से 29 जून तक के 14 दिन साधारण ज्येष्ठ माह के दिन होंगे।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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