Parivartini ekadashi 2025 Upay: हिंदू धर्म में हर महीने की कृष्ण व शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। अब भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस बार 3 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी है. इस दिन भक्तों की ओर से किए गए उपायों से भगवान विष्णु खुश होते हैं, और सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। अब हम आपको परिवर्तिनी एकादशी के उपायों की जानकारी देंगे कि इस दिन क्या करें और क्या न करें..

परिवर्तिनी एकादशी उपाय-

  • तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म सबसे ज्यादा पवित्र माना गया है। इस दिन आप भोग में तुलसी दल डालकर श्री हरि को अर्पित कर सकते हैं। माना जाता है कि, भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। ऐसे में तुलसी दल का भोग लगाने से जीवन में सुख समृद्धि आती है, और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
  • परिवर्तिनी एकादशी में भोर में उठकर स्नान आदि से निर्वित होकर तुलसी माता की पूजा करें, जो कि एकादशी के दिन सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, तुलसी पूजन के बाद भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करते हुए परिक्रमा करनी चाहिए। जिससे कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती है, और जीवन में यश बढ़ता है.
  • परिवर्तिनी एकादशी के दिन आप पीले रंग का वस्त्र धारण करें, जो कि बेहद शुभ माना जाता है। क्यों कि भगवान विष्णु को पीला वस्त्र प्रिय है। पूजा के बाद आप किसी जरूरतमंद को पीला चीज का दान भी कर सकते हैं, जैसे कि, पीली दाल, पीले रंग की मिठाई या वस्त्र। ऐसा करने से कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती है, और जीवन में अपार सफलताएं प्राप्त होती है।
  • परिवर्तिनी एकादशी के दिन तुलसी चौरा के पास घी का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इस दिन माता तुलसी को सोलह श्रृंगार अर्पित कर सकते हैं। क्यों कि तुलसी माता को लक्ष्मी स्वरुपा माना जाता है। जिससे मां घर में स्थायी रूप से निश्चित ही वास करती है। हालांकि, इस दिन माता तुलसी पर जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
  • परिवर्तिनी एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष के पूजा का भी अत्यंत महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि, पीपल में नारायण का वास होता है। एकादशी के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से भगवान श्री हरि प्रसन्न होते हैं। जिससे जीवन में आर्थिक खुशहाली का आगमन होता है।