शनिवार, 12 सितंबर 2026 शनि, 12 सित॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
धर्म अध्यात्म

Raipur Famous Ganesh Temples: रायपुर के 3 प्रसिद्ध गणेश मंदिर, जानिए इनका इतिहास और मान्यता

Historic Purani Basti Ganesh Temple in Raipur
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Raipur Famous Ganesh Temples: शास्त्रों में भगवान शिव के पुत्र गणेशजी को प्रथम पूज्य का वरदान शिवजी ने दिया था। इसलिए, किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा का विधान है। घर-घर में गणेशजी की पूजा की जाती है। राजधानी रायपुर में भगवान गणेश के कुछ मंदिर प्रसिद्ध है। इन मंदिरों में पुरानी बस्ती, बूढ़ापारा, समता कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर में प्रतिदिन भक्तिभाव का माहौल छाया रहता है। आइये, जानते हैं, इन प्रसिद्ध मंदिरों का इतिहास और मान्यता क्या है।

पुरानी बस्ती गणेश मंदिर: स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ाव


राजधानी रायपुर के सबसे प्राचीन मंदिरों में पुरानी बस्ती इलाके के टुरी हटरी चौक के समीप स्थित गणेश मंदिर का नाम सबसे पहले आता है। यह मंदिर 100 साल से भी अधिक पुराना है। कहा जाता है कि अंग्रेजी शासनकाल के दौरान देश को आजादी दिलाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसी मंदिर में एकत्रित होकर गुप्त योजनाएं बनाते थे। किसी भी बड़े आंदोलन की शुरुआत सेनानी इसी गणेश मंदिर में मत्था टेककर और आशीर्वाद लेकर करते थे।

See also  सीजी ब्रेकिंग : जिला कोर्ट में कोरोना की दस्तक, लोक अदालत के सभापति हुए संक्रमित

बैलगाड़ी से बनारस से लाई गई थी दुर्लभ प्रतिमा

इस ऐतिहासिक मंदिर की स्थापना स्व. धर्मध्वज शास्त्री ने करवाई थी। उस दौर में जब यातायात और आवागमन के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे, तब भगवान गणेश की इस भव्य प्रतिमा को विशेष रूप से बनारस से बैलगाड़ी के माध्यम से रायपुर तक लाया गया था। आज भी यहाँ विवाह या अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए लोग सबसे पहले निमंत्रण पत्रिका अर्पित करने पहुँचते हैं।

बूढ़ापारा मंदिर: सपने में आए भगवान और भाटापारा से आई प्रतिमा

रायपुर का दूसरा सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिर ऐतिहासिक बूढ़ातालाब के सामने श्याम टॉकीज के समीप स्थित है। इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी। मान्यताओं के अनुसार, एक भक्त को स्वप्न में भगवान गणेश ने दर्शन दिए थे, जिसके बाद इस मंदिर के निर्माण की प्रेरणा मिली। इस मंदिर की खास बात यह है कि इसकी प्रतिमा को लगभग 50 किमी दूर भाटापारा से लाकर स्थापित किया गया है, जो एक ही विशाल पत्थर को तराशकर बनाई गई है। यहाँ रोजाना भगवान की नई वेशभूषा श्रृंगार के रूप में तय की जाती है।

See also  छत्तीसगढ़ में 10 दिनों में सवा लाख श्रमिक और आएंगे

समता कॉलोनी गणेश मंदिर: मुंबई के सिद्धि विनायक स्वरूप के दर्शन

भगवान गणेश का तीसरा अत्यंत प्रसिद्ध मंदिर समता कॉलोनी में स्थित है। यह मंदिर लगभग 25 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना मोहल्ले के गणेश पंडाल के भक्तों के सहयोग से हुई थी। इस मंदिर की प्रतिमा बिल्कुल मुंबई के प्रसिद्ध ‘सिद्धि विनायक’ के स्वरूप में विराजित है। इस मंदिर का वास्तु और ऊर्जा बहुत खास है, जहाँ हर बुधवार को भक्तों का तांता लगा रहता है।

चमत्कारी मंदिर में परिवार सहित विराजित हैं देवी-देवता

समता कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर की धार्मिक विशेषता यह है कि यहाँ भगवान गणेश पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित हैं। इसके साथ ही, मंदिर परिसर में माता पार्वती और भगवान शिव उत्तर दिशा में तथा संकटमोचन हनुमानजी दक्षिण दिशा में विराजमान हैं। एक ही प्रांगण में पूरे शिव परिवार के दर्शन होने के कारण यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा दोगुनी हो जाती है।

  • रायपुर का सबसे पुराना गणेश मंदिर पुरानी बस्ती इलाके के टुरी हटरी चौक के समीप स्थित है, जो 100 साल से अधिक पुराना है।
  • इस मंदिर की प्रतिमा को अंग्रेजों के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के बनारस शहर से बैलगाड़ी के माध्यम से रायपुर लाया गया था।
  • बूढ़ापारा (श्याम टॉकीज के समीप) स्थित गणेश मंदिर की स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी।
  • समता कॉलोनी के गणेश मंदिर की प्रतिमा मुंबई के प्रसिद्ध ‘सिद्धि विनायक’ के स्वरूप में विराजित है।
  • बूढ़ापारा गणेश मंदिर की प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा की ओर है और यह पूरी प्रतिमा एक ही विशाल पत्थर को तराशकर बनाई गई है।
See also  CG Weather Report : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच गरज चमक के साथ बारिश के आसार