गरियाबंद। हिन्दू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगी। इस बार 27 साल बाद नवरात्रि नौ की बजाय दस दिन की होगी, जैसा कि 1998 में देखा गया था। 2 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। इस बीच, छत्तीसगढ़ के एक अनोखे मंदिर की चर्चा भी जोरों पर है, जो नवरात्रि के दौरान बंद रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में मां निरई स्वयं मंदिर में एक ज्योति जलाती हैं, जो बिना तेल के नौ दिनों तक जलती रहती है। इस चमत्कार का वैज्ञानिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन स्थानीय लोग इसे मां का आशीर्वाद मानते हैं।

छत्तीसगढ़ का रहस्यमय निरई माता मंदिर

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर निरई पहाड़ियों पर स्थित मां निरई मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर शारदीय नवरात्रि सहित साल के ज्यादातर समय बंद रहता है और केवल चैत्र नवरात्रि के दौरान सुबह 4 बजे से 9 बजे तक, यानी 5 घंटे के लिए खुलता है। खास बात यह है कि इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, और केवल पुरुष ही पूजा कर सकते हैं।

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मंदिर की विशेष मान्यताएं

पूजा में श्रृंगार वर्जित: मां निरई को सिन्दूर, कुमकुम, गुलाल, सुहाग या श्रृंगार का सामान नहीं चढ़ाया जाता। भक्त केवल नारियल और अगरबत्ती अर्पित करते हैं।

मनोकामना पूर्ति: भक्तों का विश्वास है कि मां निरई के दरबार में सच्चे मन से पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

शारदीय नवरात्रि 2025 का महत्व

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि 27 साल बाद यह दस दिनों तक चलेगी। भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करेंगे, और 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ उत्सव का समापन होगा। वहीं, निरई माता मंदिर की अनोखी परंपरा भक्तों के बीच आस्था और रहस्य का केंद्र बनी हुई है।