Organised wooden shoe rack placed neatly in the southwest corner of a house as per Vastu.
Vastu tips for shoes and slippers to invite positive energy and financial stability at home.

Vastu Shastra: जूते-चप्पलों के वास्तु उपाय को अपनाकर घर में सुख-शांति और पैसों की तंगी से छुटकारा पाया जा सकता है। हमारे घरों में रोजाना जाने-अनजाने ऐसी छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं, जिनका सीधा असर हमारे जीवन और परिवार की प्रगति पर पड़ता है। घर में जूते और चप्पलों का सही जगह पर न रखा जाना इन्हीं में से एक बड़ी वजह है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत तरीके से रखे गए जूते-चप्पल घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं, जिससे धन की हानि और कलेश की स्थिति पैदा होती है।

इन वास्तु दोषों को दूर करने के लिए जूते-चप्पलों से जुड़ी 8 मुख्य गलतियों को तुरंत सुधारना जरूरी है। मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल उतारना, बेडरूम में जूते रखना, उल्टा जूता पड़ा रहना, और रसोई या पूजा घर के पास जूते रखना सबसे खराब माना जाता है। इसके अलावा फटे-पुराने जूते संभाल कर रखने से शनि दोष लगता है, जबकि किसी और के दिए हुए जूते पहनने से दूसरों की परेशानियां आपके घर आ सकती हैं। पैसों की तिजोरी के पास जूते रखने और बाहर से सीधे गंदे जूते घर में लाने से भी बरकत रुक जाती है।

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जूते-चप्पलों से जुड़ी 8 बड़ी गलतियां और सुधार के तरीके


घर के मुख्य द्वार से ही positive energy (सकारात्मक ऊर्जा) और मां लक्ष्मी का प्रवेश माना जाता है। जब गेट पर ही गंदगी या बिखरे हुए जूते होते हैं, तो घर में पैसों की कमी होने लगती है। इसी तरह बेडरूम में जूते रखने से पति-पत्नी के रिश्तों में कड़वाहट आती है और सेहत बिगड़ने लगती है। घर में रखे फटे-पुराने जूते करियर में रुकावटें डालते हैं और फालतू के खर्चे बढ़ाते हैं।

प्राचीन काल से ही घर के बाहर जूते उतारने और हाथ-पैर धोकर अंदर आने की परंपरा रही है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाहर से आने वाले फुटवियर अपने साथ बाहर की धूल, गंदगी और नकारात्मक तरंगे लेकर आते हैं। जब ये जूते-चप्पल घर के पवित्र स्थानों जैसे किचन या मंदिर के पास रखे जाते हैं, तो घर का पवित्र माहौल खराब हो जाता है। यही कारण है कि शास्त्रों में जूतों को घर के एक तय कोने में ही व्यवस्थित रखने की सलाह दी गई है।

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सही दिशा और ढके हुए शू-रैक का चुनाव

वास्तु शास्त्र के जानकारों और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए शू-रैक की सही दिशा चुनना बेहद जरूरी है। जूते-चप्पलों को रखने के लिए घर की दक्षिण-पश्चिम (South-West) या पश्चिम (West) दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है। इसके साथ ही, शू-रैक हमेशा ढक्कन वाला होना चाहिए ताकि जूते बाहर से सीधे दिखाई न दें। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि हमेशा अपने पैसों से खरीदे गए नए जूतों का ही इस्तेमाल करें और दूसरों के जूते पहनने से बचें।

घर के माहौल और सेहत पर इस बदलाव का असर

जूते-चप्पलों को सही दिशा में रखने और पुराने खराब जूतों को घर से बाहर निकालने से घर के माहौल में तुरंत बदलाव देखने को मिलता है। इससे परिवार के सदस्यों का मानसिक तनाव कम होता है और आपसी झगड़े खत्म होते हैं। जब घर का मेन गेट साफ-सुथरा रहता है, तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इससे घर के लोगों की सेहत अच्छी रहती है और गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. जूते-चप्पल रखने की सबसे सही दिशा कौन सी मानी जाती है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जूते-चप्पल रखने के लिए घर की दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा सबसे उत्तम होती है।

  1. मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल क्यों नहीं उतारने चाहिए?

मुख्य द्वार से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, वहां जूते-चप्पल रखने से धन की तंगी और घर में कलेश बढ़ता है।

  1. बेडरूम में जूते-चप्पल रखने से क्या नुकसान होता है?

बेडरूम में जूते रखने से पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव आता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगती हैं।

  1. फटे-पुराने जूते घर में रखने से क्या असर पड़ता है?

फटे-पुराने जूते घर में रखने से शनि दोष बढ़ता है, जिससे नौकरी और कारोबार में रुकावटें आती हैं।

  1. शू-रैक कैसा होना चाहिए, खुला या बंद?

शू-रैक हमेशा ढक्कन वाला यानी बंद होना चाहिए और लकड़ी या लोहे का शू-रैक इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।