प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था हो रही मजूबत, सब्जी बीज उत्पादन को अपनाकर चैनू राम बना लखपति

रायपुर/कोण्डागांव। बदलते वक्त को पहचान कर कृषि की नई और उन्नत तकनीक को अपनाने वाले कृषक ही जीवन में सफल होते हैं। कोण्डागांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवा कृषक चैनू राम मण्डावी ने अपनी सोच और मेहनत से अपने इलाके में सब्जी बीज उत्पादक कृषक के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

चैनू राम अपनी 4 एकड़ की कृषि भूमि में लौकी, कुम्हड़ा, टिंडा, डोड़का आदि सब्जियों के उन्नत बीज का उत्पादन कर लाखों रुपए की आय अर्जित करने लगे हैं। इस साल सब्जी-बीज उत्पादन से चैनू ने लगभग 25 लाख रुपए का मुनाफा कमाया है।

जिला मुख्यालय कोण्डागांव से 15 किलोमीटर दूर उमरगांव के गायता पारा के रहने वाले चैनू राम मण्डावी एमए तक शिक्षित है। चैनू शुरू से ही अपने पिता और चाचा के साथ खेती-बाड़ी के कामकाज मे हाथ बटाया करते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद चैनू राम ने परंपरागत धान की खेती की बजाय उन्नत खेती करने की सोची और साग-सब्जी की खेती शुरू की।

कुछ समय के बाद उन्होंने सब्जी-बीज उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा और देखते ही देखते एक सफल सब्जी-बीज उत्पादक के रूप में अपनी पहचान बना ली। चैनू राम ने अपनी चार एकड़ कृषि भूमि को हाईटेक कृषि प्रक्षेत्र के रूप में विकसित कर लिया है।

यहां उन्होंने ड्रीप, स्प्रिंकलर, बैड सैपट और मल्चिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है। चैनू राम की सफलता को देखते हुए आसपास के गांव के कृषक भी प्रेरित हुए और उन्होंने भी सब्जी-बीज का उत्पादन कर अपनी स्थिति को बेहतर बनाया है। चैनू राम ने आसपास के गांवों के सब्जी-बीज उत्पादक कृषकों का एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया है।

इसके जरिए बीज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा फसलों की बीमारियों और बचाव के बारे में आपस परामर्श करते रहते हैं।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।