रायपुर। कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है।

विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती।

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विद्यालय के प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।