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Lormi: मकानों के नंबर प्लेट के नाम पर गांवों में फिर से वसूली का चल रहा है खेल, राशन कार्ड बंद होने का डर दिखा रहे हैं संस्था के लोग

Lormi Khaprikala nameplate illegal extortion
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Extortion racket resurfaces in villages: ग्रामीण इलाकों में संपूर्ण स्वच्छता अभियान, नशा मुक्त अभियान और शासन की योजनाओं के नारों के प्रचार के साथ स्थायी मकान नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत मुंगेली जिले के लोरमी जनपद पंचायत के इलाके में शुरू की गई थी। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद इसका आदेश वापस ले लिया गया। बावजूद इसके संबंधित संस्था के लोग अब भी गांव-गांव में नंबर प्लेट के नाम पर वसूली कर रहे हैं, रकम नहीं देने पर राशन कार्ड बंद होने का डर दिखाया जा रहा है।

लोरमी जनपद के सीईओ ने कुछ माह पूर्व एक पत्र जारी करते हुए ग्रामीणों को सूचित किया गया था कि सूर्यांश जन कल्याण संस्था बिलासपुर को, मकानों पर नंबर प्लेट लगाने का कार्य कराये जाने हेतु लेख किया गया है। जिनके द्वारा नंबर प्लेट पर सपूर्ण स्वच्छता अभियान” स्वच्छ भारत, स्वच्छ छत्तीसगढ़”,” मेरा गाँव साफ हो, उसमें मेरा भी हाथ हो जैसे नारा अंकित रहेगा का नंबर प्लेट मकानों में लगाया जावेगा। नंबर प्लेट की लगत मूल्य एवं पारिश्रमिक खर्च के रूप में 50 रूपये प्रति नंबर प्लेट की दर से लगाने का शुल्क लिया जावेगा। जिसका भुगतान मकान मालिक अपने स्वेच्छा से करेंगे।

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अपना आदेश रद्द किया जनपद सीईओ ने

सीईओ के इस पत्र के जारी होने के बाद संस्था के लोग घर-घर जाकर नंबर प्लेट लगाने के नाम पर ग्रामीणों से रकम वसूलने लगे। चूंकि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में इस तरह गाँवो में नंबर प्लेट लगाने के नाम पर ग्रामीणों से वसूली के मामले सामने आ चुके हैं इसलिए इलाके के जन प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई। जिसके बाद सीईओ ने अपना आदेश रद्द कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जनपद पंचायत ने इस संबंध में जारी पत्र को 3 सितंबर 2026 को ही निरस्त कर दिया, फिर भी गांव में खुलेआम वसूली जारी है।

पैसे नहीं देने पर राशन कार्ड निरस्त करने का भय

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आदेश रद्द होने के बाद भी घर-घर जाकर 50 रुपये मांगे जा रहे हैं। इनकार करने पर सख्त लहजे में कहा जा रहा- “जब तक 50 रुपये नहीं दोगे, नेम प्लेट नहीं मिलेगी।” साथ ही सरकारी योजना और राशन कार्ड निरस्त होने का भय दिखाकर भयादोहन का आरोप भी लग रह है।

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जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक कार्रवाई की मांग तेज

जनपद सभापति विद्यानन्द चंद्राकर ने कहा — मेरे जनपद क्षेत्र के गांव में घर-घर नेम प्लेट के नाम पर जमकर अवैध वसूली हुई है, प्रशासन तत्काल जांच कर कार्रवाई करे। SDM अजीत पुजारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जांच के बाद कार्रवाई होगी। उधर जनपद CEO सुरेश कंवर ने कहा आदेश निरस्त कर दिया गया है, शिकायत की जांच कर कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1. पूरा मामला क्या है?
जवाब: लोरमी जनपद के खपरीकला पंचायत में मकानों पर स्थायी नंबर/नेम प्लेट लगाने के नाम पर एक संस्था द्वारा घर-घर जाकर ₹50-₹50 की अवैध वसूली की जा रही है।

सवाल 2. आदेश निरस्त कब हुआ था?
जवाब: जनपद पंचायत लोरमी ने आदेश क्रमांक 3568/स्था./ज.पं./2026-27 दिनांक 03.09.2026 से 20 अगस्त 2026 के पूर्व पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया था।

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सवाल 3. ग्रामीण क्या आरोप लगा रहे हैं?
जवाब: ग्रामीणों का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर नेम प्लेट नहीं दी जा रही और राशन कार्ड निरस्त होने का भय दिखाया जा रहा है।

सवाल 4. अधिकारियों का क्या कहना है?
जवाब: जनपद सभापति विद्यानंद चंद्राकर ने जांच की मांग की, SDM अजीत पुजारी ने जांच के बाद कार्रवाई और CEO सुरेश कंवर ने आदेश निरस्त कर शिकायत जांच की बात कही।

सवाल 5. ग्रामीणों की मांग क्या है?
जवाब: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से अवैध वसूली पर तुरंत रोक और फर्जी तरीके से पैसा मांगने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की