महासमुंद। मजदूरों को बिना अनुमति एवं पलायन पंजी में दर्ज किए बगैर बाहर भेजने वाले दलालों पर जिला प्रशासन ने कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए है। इसी कड़ी में 16 नवम्बर को श्रम विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद थाना बसना में आरोपी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
यूपी के ईंट भट्ठे में भेजने की थी तयारी
दरअसल 16 नवंबर को श्रम विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि समीर खान निवासी बसना द्वारा 22 ग्रामीण मजदूरों को अधिक मजदूरी का लालच देकर उत्तर प्रदेश स्थित ईंट भट्ठे में भेजने की तैयारी की रही है। श्रम विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों से पूछताछ की। इस दौरान मजदूरों ने अपना अनिल चौहान, भवानी चौहान, रेवशंकर चौहान, रायमोती चौहान, गुरूदयाल कंवर बुटुकवर निवासी ग्राम उमरिया सरायपाली बताया और अग्रिम धन एवं अधिक मजदूरी दिलाने के नाम पर उन्हें बाहर ले जाए जाने की बात स्वीकार की।
कार्रवाई के दौरान टीम में श्रम कल्याण निरीक्षक दानेश्वर साहू, सहायक ग्रेड 03 राकेश प्रधान, मुकेश कुमार साहू, लेखापाल हिमालय चंद्राकर मौजूद थे। मामले में श्रम उप निरीक्षक बेलारसन बघेल की शिकायत पर थाना बसना में आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
छत्तीसगढ़ से बड़े पैमाने पर होता है पलायन
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ से हर वर्ष हजारों की संख्या में ग्रामीण दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए पलायन करते हैं। नियम के मुताबिक अगर ऐसे मजदूर बाहर जाते हैं तो उनका नाम ग्राम पंचायत के पलायन रजिस्टर में दर्ज होता है। दलालों को भी इस नियम का पालन करना होता है। मगर अधिकांश मजदूरों की जानकारी गांव में दर्ज कराये बिना ही पलायन कराया जाता है। बाद में जब मजदूरों को बंधक बनाकर प्रताड़ित किये जाने की शिकायत सामने आती है, तब श्रम विभाग को कार्यवाही करने में दिक्कत आती है।


