मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘भारत’ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर कमाई के रिकॉर्ड बना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने कहा है कि जब फिल्म क्रिटिक्स उनके काम की तारीफ करते हैं, तो वह डर जाते हैं क्योंकि अधिकतर समय उनके काम को केवल फैन ही पसंद करते हैं जो उनके फिल्म कलेक्शन में अपना योगदान देते हैं।

डर जाते हैं सलमान

एक इंटरव्यू के दौरान सलमान ने कहा कि मैं तब डर जाता हूं जब क्रिटिक्स मेरे काम की तारीफ करते हैं। अक्सर उनकी सोच से मेरी सोच या फिर मेरे दर्शकों की सोच नहीं मिलती है। इसलिए मैं हैरान हूं कि वे क्यों मेरी फिल्म को स्टार्स दे रहे हैं या इसके बारे में अच्छा लिख रहे हैं? सलमान की फिल्म ‘भारत’ ने बॉक्स ऑफिस पर 167 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

सलमान ने कहा कि हाल के दिनों में मैंने जिस तरह की फिल्में की हैं, वो इसलिए कीं क्योंकि मुझे इनकी स्टोरी पसंद आई और जब मैं कोई फिल्म करता हूं तो, उसके कुछ मापदंड होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि लोग थियेटर में आए और जब वह थियेटर से निकलें तो अपने गमों को भूलकर, खुश होकर जाएं, हिरोइज्म के भाव, बेहतर इंसान बनने के भाव के साथ थियेटर से निकलें।

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सबसे बड़े क्रिटिक पिता

‘बजरंगी भाईजान’, ‘सुल्तान’ जैसी फिल्मों के लिए क्रिटिक्स से प्रशंसा प्राप्त कर चुके अभिनेता ने कहा कि अगर मैं फिल्म के जरिए कोई मेसेज भी देना चाहता हूं तो इसके लिए लंबा भाषण नहीं दे सकता। उन्होंने अपने पिता को उनका सबसे बड़ा क्रिटिक बताया है। वह कहते हैं कि ‘अब भूल जाओ, सो जाओ… पिक्चर बहुत बड़ी हिट है। वह कभी मेरे सामने आकर मेरी तारीफ नहीं करते हैं, मुझे कभी उनके द्वारा मेरी तारीफ सुनने का मौका नहीं मिला। कभी-कभार ही वह कहते हैं, अच्छा काम किया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।