Rations missing from government shop: छत्तीसगढ़ में सरकारी उचित मूल्य दुकानों में राशन गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रही। छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता भंडारों की निगरानी में लापरवाही से राशन की कालाबाजारी, कम तौल, फर्जी अंगूठा लगाकर उठाव जैसे मामले रोज सामने आ रहे हैं। लगभग रोज किसी न किसी जिले से राशन गायब होने की खबर आ रही है।
ताजा मामला सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम गोरता का है, जहां शासकीय उचित मूल्य दुकान में लाखों का राशन कम मिला है। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासनिक टीम ने जांच की तो 247.73 क्विंटल चावल और 3.13 क्विंटल शक्कर की कमी पाई गई।
दरअसल यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण राशन दुकान पहुंचे। समय पर राशन न मिलने और वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध किया और दुकान में ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जांच करने पहुंची टीम
शिकायत गंभीर होने पर शनिवार को लखनपुर एसडीएम रामराज सिंह और तहसीलदार अमन चतुर्वेदी टीम के साथ ग्राम गोरता पहुंचे। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड की जांच की। जांच में 247.73 क्विंटल चावल और 3.13 क्विंटल शक्कर कम मिली। मौके पर पंचनामा तैयार कर जांच प्रतिवेदन बनाया गया और उच्चाधिकारियों को भेजा गया।
संचालक को नोटिस
प्रशासन ने दुकान संचालक को नोटिस जारी कर 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर वैधानिक और एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान में करीब 600 क्विंटल राशन का गबन हुआ है, जबकि इस दुकान से 900 हितग्राही जुड़े हैं। जांच के दौरान सैकड़ों हितग्राही मौके पर मौजूद थे। ग्रामीण पूरे वितरण की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।
राशन घोटाले में किन धाराओं में तहत अपराध बनता है?
राशन गड़बड़ी सिर्फ विभागीय लापरवाही नहीं, गंभीर आपराधिक मामला है। इसमें ये धाराएं लगती हैं –
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत:
- धारा 316(5) – आपराधिक न्यासभंग: शासकीय राशन जो जनता के लिए आया, उसका गबन करना। 5 साल तक जेल।
- धारा 318 – धोखाधड़ी: फर्जी रिकॉर्ड बनाकर सरकार को धोखा देना।
- धारा 336(3) – फर्जी दस्तावेज बनाना: स्टॉक रजिस्टर में झूठी एंट्री करना। 7 साल तक सजा।
- आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (EC Act)
- धारा 3/7: PDS का चावल, शक्कर आवश्यक वस्तु है। कालाबाजारी या गबन पर 7 साल तक कैद और जुर्माना, गैर-जमानती अपराध।
- छत्तीसगढ़ PDS नियंत्रण आदेश 2004
- दुकान का लाइसेंस निलंबित/निरस्त, संचालक को काली सूची में डालना, प्रतिभूति राशि जब्त, और गबन की राशि का 3 गुना तक जुर्माना वसूली।
क्या कार्रवाई हो सकती है इस केस में?
- 3 दिन के नोटिस के बाद जवाब नहीं तो FIR
- कलेक्टर द्वारा दुकान आवंटन निरस्त
- गबन की राशि की वसूली और 247 क्विंटल चावल की कीमत (लगभग 8-10 लाख) की भरपाई
- EC Act में गिरफ्तारी
FAQ: सरकारी राशन दुकान में घोटाला
Q1. कहां का मामला है?
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम गोरता की शासकीय उचित मूल्य दुकान का।
Q2. कितना राशन कम मिला?
जांच में 247.73 क्विंटल चावल और 3.13 क्विंटल शक्कर की कमी मिली। ग्रामीण 600 क्विंटल गबन का आरोप लगा रहे हैं।
Q3. जांच किसने की?
लखनपुर एसडीएम रामराज सिंह और तहसीलदार अमन चतुर्वेदी ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच की।
Q4. संचालक पर क्या कार्रवाई हुई?
3 दिन में स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी, जवाब न मिलने पर FIR और दुकान निरस्तीकरण की चेतावनी।
Q5. राशन घोटाले में कौन सी धारा लगती है?
BNS की धारा 316(5), 318 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत 7 साल तक की जेल हो सकती है।



