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Bilaspur:कृषि भूमि के 57 प्लॉट काटने के मामले में हटाए गए बिलाईगढ़ नपं अध्यक्ष की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने आदेश को रखा बरकरार

Dismissed Nagar Panchayat Chairperson Petition Dismissed: कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग के मामले में बिलाईगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी गई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हटाए गए अध्यक्ष दामोदर प्रसाद दुबे की याचिका खारिज कर सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम की धारा 41-ए के तहत की […]

Bilaspur:कृषि भूमि के 57 प्लॉट काटने के मामले में हटाए गए बिलाईगढ़ नपं अध्यक्ष की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने आदेश को रखा बरकरार
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Dismissed Nagar Panchayat Chairperson Petition Dismissed: कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग के मामले में बिलाईगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी गई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हटाए गए अध्यक्ष दामोदर प्रसाद दुबे की याचिका खारिज कर सरकार के फैसले को बरकरार रखा है।

अदालत ने कहा कि छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम की धारा 41-ए के तहत की गई कार्रवाई सिर्फ इस आधार पर अवैध नहीं हो जाती कि आरोपों से जुड़ी कुछ घटनाएं अध्यक्ष चुने जाने से पहले की हैं। राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 को उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी किया था।

2.45 हेक्टेयर में 57 प्लॉट का खेल

शिकायत की जांच में करीब 2.45 हेक्टेयर कृषि भूमि को बिना वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस और भूमि उपयोग परिवर्तन के 57 आवासीय प्लॉट में बांटने की बात सामने आई थी। सरकार और अन्य पक्षों के अनुसार, अध्यक्ष बनने के बाद दुबे ने नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से रखे गए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।

सरकार का एक्शन – पद से किया बर्खास्त

राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 को धारा 41-A के तहत दुबे को अध्यक्ष पद से हटाने और अगले कार्यकाल के लिए अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी किया था।

दुबे की दलील – घटना अध्यक्ष बनने से पहले की

दुबे ने कोर्ट में कहा कि जमीन खरीद-बिक्री 2013 से 2024 के बीच हुई, जबकि वे फरवरी 2025 में अध्यक्ष बने। चुनावी विवाद के लिए धारा 20 में चुनाव याचिका का रास्ता है, सीधे हटाना गलत है। उन्हें जांच रिपोर्ट नहीं दी गई, प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन हुआ।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा –

  • चुनाव को अमान्य करना और पद से हटाना दोनों अलग-अलग प्रावधान हैं, उद्देश्य अलग है
  • अध्यक्ष चुने जाने से पहले की घटनाओं के आधार पर हटाने की कार्रवाई को अवैध नहीं कहा जा सकता
  • उन्हें कारण बताओ नोटिस, जवाब का मौका और व्यक्तिगत सुनवाई मिली थी, इसलिए प्राकृतिक न्याय का पालन हुआ

3.27 करोड़ जुर्माने पर राहत का रास्ता खुला

हाईकोर्ट ने 4 जुलाई 2026 के हटाने के आदेश में दखल नहीं दिया, लेकिन CMO के 24 अप्रैल 2026 के 3 करोड़ 27 लाख 4 हजार 740 रुपये के दंड के खिलाफ दुबे को कलेक्टर के समक्ष वैधानिक अपील की छूट दी है। कलेक्टर स्वतंत्र रूप से फैसला करेंगे।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. बिलाईगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष को क्यों हटाया गया?
Ans. करीब 2.45 हेक्टेयर कृषि भूमि को बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस और डायवर्सन के 57 आवासीय प्लॉट में बांटने के आरोप में। सरकार ने धारा 41-A के तहत 4 जुलाई 2026 को हटाया।

Q2. हाईकोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
Ans. जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने कहा कि पद से हटाने की कार्रवाई चुनाव से पहले की घटनाओं के आधार पर भी हो सकती है। चुनाव रद्द करना और पद से हटाना अलग-अलग है। दुबे को नोटिस और सुनवाई का मौका मिला था।

Q3. 3.27 करोड़ जुर्माने पर क्या फैसला?
Ans. अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश बरकरार रहेगा, लेकिन 3.27 करोड़ के आर्थिक दंड के खिलाफ दुबे कलेक्टर के पास अपील कर सकते हैं। इस पर स्वतंत्र फैसला होगा।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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