After the snakebite compensation scam, suspicions of a heatstroke compensation scam arise
After the snakebite compensation scam, suspicions of a heatstroke compensation scam arise

heatstroke compensation scam suspect: सर्पदंश मुआवजा घोटाले के बाद अब बिलासपुर में लू से हुई मौतों के मुआवजा वितरण को लेकर भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र में राजस्व विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों ने प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

आंकड़ों के अनुसार बीते 5 साल में पूरे राज्य में लू से 93 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 90 मामलों में प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और 3 मामले लंबित हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 90 में से 85 मुआवजा प्रकरण अकेले बिलासपुर संभाग के हैं। यानी राज्य की 95 प्रतिशत मौतें इसी संभाग में हुई हैं।

बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा 45 मौतें

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के सवाल पर सरकार ने बताया कि 2021 से 20 जून 2025 तक केवल बिलासपुर जिले में ही 45 लोगों की लू से मौत होना बताकर सरकारी राशि बांटी गई। संभाग के अन्य जिलों में जांजगीर-चांपा 14, कोरबा 9, मुंगेली, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 6-6 और रायगढ़ में 2 मौतें दर्ज हैं। जबकि राज्य के बाकी जिलों में कुल मिलाकर सिर्फ 5 मौतें दर्ज हुई हैं।

वर्षवार आंकड़ा

2021 में 4, 2022 में 13, 2023 में 29, 2024 में 45 और 2025 में 20 जून तक 2 मौतें दर्ज की गई हैं। 2024 में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज होने के बाद अब पुराने सर्पदंश घोटाले की तर्ज पर यहां भी लू से मौत के मामले में भी घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

लू से मौत पर भी मिलता है 4 लाख का मुआवजा

बता दें कि लू से मौत को भी प्राकृतिक आपदा से मौत का माना जाता है और इसमें भी मृतक के आश्रितों को 4 लाख रूपये की मुआवजा राशि दी जाती है।

पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से गिरोह काम कर रहा था। उन्होंने इन प्रकरणों की गहन जांच की मांग की।

वहीं कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने पलटवार करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा 45 मौतें 2024 में हुई हैं, जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इसलिए वर्तमान सरकार को जवाबदेही लेनी चाहिए।

पहले भी हो चुका है बड़ा फर्जीवाड़ा

बिलासपुर में पहले सर्पदंश मुआवजा में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। पुलिस ने करीब डेढ़ दर्जन एफआईआर दर्ज कर डॉक्टर, वकील, पुलिस जवान और क्लर्क सहित दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

कलेक्टर ने कहा – निष्पक्ष जांच होगी

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि लू मुआवजा मामलों में यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कराएगा। दोषियों पर सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FAQ: सर्पदंश के बाद लू मुआवजा घोटाला

Q1. लू से मौत के मुआवजा आंकड़ों में क्या गड़बड़ी की आशंका है?

5 साल में राज्य में 93 मौतें दर्ज हुईं, जिनमें 85 सिर्फ बिलासपुर संभाग की हैं। 95 प्रतिशत मामले एक ही संभाग में होने से सवाल उठ रहे हैं।

Q2. सबसे ज्यादा मौतें कहां दर्ज हुईं?

बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा 45 मौतें दर्ज हैं। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 14 और कोरबा में 9 मौतें हैं।

Q3. विधायकों ने क्या कहा?

सुशांत शुक्ला ने पिछली सरकार पर गिरोह सक्रिय होने का आरोप लगाया और जांच मांगी। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे ज्यादा मौतें 2024 में हुईं, तब भाजपा की सरकार थी।

Q4. प्रशासन का क्या कहना है?

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि किसी भी अनियमितता की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

Q5. पहले बिलासपुर में कैसा घोटाला हुआ था?

सर्पदंश मुआवजा में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। इसमें डॉक्टर, वकील और सरकारी कर्मचारियों सहित 2 दर्जन लोग गिरफ्तार हुए थे।