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Bilaspur: पद के नाम पर 82 लाख गंवा बैठा बिलासपुर का युवक, फेसबुक वाली दोस्त निकली ‘शातिर’, सियासी झांसे का खेल या कुछ और?

Young man falls victim to fraud: क्या कोई शख्स सिर्फ एक राजनीतिक पद पाने के लिए 82 लाख रुपए खर्च कर देगा? या इस दोस्ती के पीछे कहानी कुछ और है? बिलासपुर के सरकंडा थाने में दर्ज एक FIR ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजकिशोर नगर निवासी चेतन आनंद दुबे ने आरोप लगाया […]

Bilaspur: पद के नाम पर 82 लाख गंवा बैठा बिलासपुर का युवक, फेसबुक वाली दोस्त निकली ‘शातिर’, सियासी झांसे का खेल या कुछ और?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Young man falls victim to fraud: क्या कोई शख्स सिर्फ एक राजनीतिक पद पाने के लिए 82 लाख रुपए खर्च कर देगा? या इस दोस्ती के पीछे कहानी कुछ और है? बिलासपुर के सरकंडा थाने में दर्ज एक FIR ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजकिशोर नगर निवासी चेतन आनंद दुबे ने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर बनी एक दोस्त ने उसे 82.63 लाख रुपए का चूना लगा दिया।

फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती, सियासी रसूख का दावा

पुलिस शिकायत के मुताबिक 2025 में चेतन की फेसबुक पर मनेंद्रगढ़-खोंगापानी निवासी निकहत परवीन साबरी से पहचान हुई। बातचीत बढ़ी तो निकहत ने खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता बताते हुए बड़े नेताओं से नजदीकी का दावा किया। शिकायत के अनुसार पहले उसने जमीन विवाद में चेतन की मदद भी की, जिससे भरोसा पक्का हो गया।

चेतन पहले निजी कंपनी में काम करता था, नौकरी छोड़ चुका था और राजनीति में सक्रिय होना चाहता था। आरोप है कि निकहत ने इसी महत्वाकांक्षा को हथियार बनाया।

साल भर में 62 लाख ऑनलाइन, 20 लाख नकद

चेतन का आरोप है कि पार्टी में बड़ा पद दिलाने के नाम पर उससे किस्तों में पैसे लिए गए। 11 जुलाई 2025 से 17 अगस्त 2026 के बीच कुल 62,63,194 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए, जबकि 20 लाख रुपए नकद लिए गए। कुल रकम 82,63,194 रुपए बताई गई है।

शिकायत में दावा है कि कुछ रकम निकहत की बहन सपना परवीन साबरी के खाते में गई, बाकी दोस्तों के माध्यम से ट्रांसफर हुई। चेतन ने बैंक ट्रांजेक्शन और दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।

न पद मिला, न रसीद, फिर धमकी का आरोप

काफी समय तक न पद मिला, न पार्टी फंड की कोई रसीद। जब चेतन ने पैसे वापस मांगे तो आरोप है कि निकहत ने बातचीत बंद कर दी और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद चेतन सरकंडा थाने पहुंचा।

मनेंद्रगढ़ से हिरासत में लाई गई महिला

सरकंडा पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर बैंक खातों की जांच शुरू की। टीम मनेंद्रगढ़-खोंगापानी पहुंची और निकहत परवीन को हिरासत में लेकर बिलासपुर लाया गया, जहां पूछताछ जारी है।

सवाल तो बनता है – क्या मामला सिर्फ पद का है?

82 लाख… ये रकम किसी राजनीतिक पद के लिए बहुत बड़ी है। राष्ट्रीय पार्टियों में पद पैसे से नहीं, संगठनात्मक पकड़ से मिलते हैं। फिर कोई पढ़ा-लिखा युवक 13 महीने तक बिना रसीद के इतनी बड़ी रकम क्यों देता रहा? क्या यह सिर्फ राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी, या फेसबुक वाली दोस्ती में भावनात्मक ठगी का एंगल भी है? क्या जमीन विवाद में मदद के नाम पर पहले से ही कोई लेन-देन था?

पुलिस जांच में बैंक ट्रेल, चैट हिस्ट्री और नकद लेन-देन की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन यह मामला एक चेतावनी जरूर है – फेसबुक पर सियासी रसूख का झांसा और पद का लालच कितना महंगा पड़ सकता है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. बिलासपुर में 82 लाख की ठगी का मामला क्या है?

बिलासपुर के सरकंडा थाने में राजकिशोर नगर निवासी चेतन आनंद दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है कि राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी में बड़ा पद दिलाने के नाम पर उससे 82.63 लाख रुपए ठग लिए गए। पुलिस ने मनेंद्रगढ़ निवासी निकहत परवीन शबरी को हिरासत में लिया है।

Q2. पैसे कैसे लिए गए – ऑनलाइन या नकद?

शिकायत के अनुसार 11 जुलाई 2025 से 17 अगस्त 2026 के बीच 62,63,194 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए और 20 लाख रुपए नकद लिए गए। कुछ रकम उसकी बहन के खाते में भी गई है।

Q3. आरोपी महिला से पीड़ित की पहचान कैसे हुई थी?

पुलिस को दी शिकायत में चेतन ने बताया कि 2025 में फेसबुक के जरिए निकहत से उसकी पहचान हुई थी। निकहत ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी की कार्यकर्ता और बड़े नेताओं की करीबी बताया था।

Q4. मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

सरकंडा पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर बैंक ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की है। पुलिस टीम मनेंद्रगढ़-खोंगापानी जाकर महिला को बिलासपुर लाई है, फिलहाल पूछताछ जारी है।

Q5. क्या राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों में पद पैसे से मिलता है?

नहीं, राष्ट्रीय पार्टियों में कोई भी पद पैसे लेकर नहीं दिया जाता। संगठन में काम, वरिष्ठता और पकड़ के आधार पर पद मिलते हैं। पार्टी फंड के नाम पर पैसे लेने पर हमेशा रसीद दी जाती है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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