PIL over DMF fund irregularities in Korba
PIL over DMF fund irregularities in Korba

DMF fund irregularities: कोरबा जिला खनिज न्यास (DMF) फंड में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

लंबे समय से चल रही इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कार्यकाल के आखिरी दिन हुई, इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि राज्य शासन ने अब तक इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं दी है, जिसके बाद न्यायाधीश ने सरकार से शपथपत्र देने को कहा है।

किसने लगाई है PIL?

यह जनहित याचिका कोरबा निवासी लक्ष्मी चौहान ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से दायर की है। याचिका में DMF फंड में गड़बड़ियों की जांच, निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राशि खर्च करने और खनन प्रभावित लोगों को लाभ दिलाने की मांग की गई है।

8 महीने में भी जमा नहीं हुई जांच रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। हालांकि समिति गठन को 8 महीने बीतने के बावजूद रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं हुई है। अदालत ने सरकार से वर्तमान स्थिति का विस्तृत ब्यौरा हलफनामे में देने को कहा है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ में हुई। कोर्ट ने 2 सप्ताह के लिए सुनवाई टाल दी है।

क्या है याचिका में मांग?

याचिका में कहा गया है कि DMF की राशि का उपयोग उन क्षेत्रों और लोगों के हित में होना चाहिए जो खनन गतिविधियों से प्रभावित हुए हैं। कोरबा जिले में डीएमएफ की लगभग दस हजार करोड़ की राशि का अनाप-शनाप तरीके से खर्च करने का आरोप है। व्यय की गई राशि की स्वतंत्र जांच और इसके उपयोग की निगरानी की मांग की गई है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1. DMF फंड में क्या गड़बड़ी है?
जवाब: आरोप है कि कोरबा जिला खनिज न्यास फंड की राशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं हो रहा और खनन प्रभावित लोगों को लाभ नहीं मिल रहा।

सवाल 2. हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिया?
जवाब: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है और सुनवाई 2 हफ्ते टाल दी है।

सवाल 3. PIL किसने दायर की है?
जवाब: कोरबा निवासी लक्ष्मी चौहान ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से यह जनहित याचिका दायर की है।

सवाल 4. जांच समिति का क्या हुआ?
जवाब: सरकार ने बताया कि जांच के लिए समिति गठित की गई है, लेकिन 8 महीने बाद भी उसकी रिपोर्ट पेश नहीं हुई है।

सवाल 5. सुनवाई किस बेंच में हुई?
जवाब: मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ में मामले की सुनवाई हुई।