रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी की  प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत हुई है। सामाजिक संगठन ‘रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़’ ने जिला विपणन कार्यालय, मार्कफेड की DMO मार्केटिंग पर घटिया बारदाना सप्लाई कराने, किसानों से अतिरिक्त धान वसूली कराने और करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। संगठन ने DMO जान्हवी जैन को निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

धान खरीदी में अनियमितता का आरोप

संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला विपणन कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

धान की इस तरह हुई वसूली

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शासन के निर्धारित मानकों से हटकर कम गुणवत्ता वाले नए बारदाने खरीदे गए। उनका दावा है कि बारदानों का वजन 500 ग्राम था, जबकि किसानों से 600 ग्राम धान लिया गया। इस तरह प्रति बोरा 100 ग्राम अतिरिक्त धान की वसूली की गई।

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संगठन का कहना है कि यदि जिले में लगभग 2 करोड़ 52 लाख बारदानों में धान खरीदा गया, तो प्रति बोरा 3 रुपये के हिसाब से करीब 7 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के धान की अवैध वसूली किसानों से की गई।

बारदानों का रजिस्टर गायब

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी बारदानों की राशि कर्मचारियों द्वारा परिचितों के बैंक खातों में जमा कर निकाली गई थी। शिकायत होने के बाद पीड़ितों को धीरे-धीरे रकम लौटाने की बात कही गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने यह भी दावा किया कि जिला विपणन कार्यालय से पिछले 8 वर्षों के नए बारदानों का रजिस्टर गायब है, जिसकी गंभीर जांच होनी चाहिए।

रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़ के संयोजक विनय शुक्ला और अन्य सदस्यों ने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में प्रतिनिधिमंडल रायपुर जाकर राज्यपाल से मुलाकात करेगा और दस्तावेजों के साथ शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगा।

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