The scramble for paddy begins: धान खरीदी शुरू भी नहीं हुई, और खेल शुरू हो गया। हर साल यही कहानी दोहराई जाती है। छत्तीसगढ़ में सरकारी धान की खरीदी ज्यादा कीमत पर होती है, इसलिए दूसरे प्रदेशों का धान यहां लाकर खपाने का खेल शुरू हो जाता है। इस बार भी खरीदी से पहले ही बिचौलियों ने चुपचाप धान का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया था।
लेकिन इस बार भी प्रशासन पहले से अलर्ट है। कोरबा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन ने अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कटघोरा में तीन अलग-अलग स्थानों पर जांच के दौरान 250 बोरी मोटा धान जब्त किया गया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे के मार्गदर्शन में संयुक्त उड़नदस्ता दल ने यह कार्रवाई की।
किसके गोदाम से कितना धान मिला?
जांच के दौरान दिलीप अग्रवाल के गोदाम से 75 बोरी, यतीश जायसवाल के गोदाम सह निवास से 50 बोरी और पवन अग्रवाल के गोदाम से 125 बोरी धान बरामद किया गया कुल 250 बोरी।
क्यों जमा किया जा रहा था धान?
प्रदेश में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होनी है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ बिचौलिए पहले से धान जमा कर रहे हैं, ताकि बाद में किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य का लाभ लिया जा सके। यानि बाहर का सस्ता धान, यहां के किसान के नाम पर महंगे दाम में बेचने की तैयारी थी।
अब क्या होगा?
जब्त धान के संबंध में कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अवैध भंडारण, बिना अनुमति परिवहन और खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
प्रशासन की टीमें अब लगातार नजर रख रही हैं। खरीदी शुरू होने तक ऐसे छापे और भी पड़ सकते हैं।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 10 नवंबर से कटेंगे टोकन
खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कोरबा जिले में धान खरीदी के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी होने और खरीदी व्यवस्था के विषय में जानकारी दी।
जिले की सभी समितियों में मार्कफेड और मिलर्स द्वारा पर्याप्त मात्रा में नए एवं पुराने बारदाने पहुंचा दिए गए हैं। खरीदी के लिए आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाएं भी समितियों में पूरी कर ली गई हैं। विगत वर्षों में अनियमितता या एफआईआर वाले केंद्रों को अति संवेदनशील तथा धान खरीदी, रकबे और पंजीयन में वृद्धि वाले केंद्रों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। जिले में 3 अति संवेदनशील और 18 संवेदनशील केंद्र हैं। इन केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।
जिले के सभी 73 उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वहीं, सभी 60 समितियों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। जिला कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित कर अपर कलेक्टर को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। दूसरे जिलों से धान की आवक रोकने के लिए 9 चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, एक जिला स्तरीय और 12 तहसील स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं।
समीक्षा के दौरान खाद्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष कृषक उन्नति योजना के तहत पंजीकृत किसानों को धान विक्रय की मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि धान के रकबे के आधार पर आदान सहायता राशि दी जाएगी। किसान धान का विक्रय नहीं करते हैं, तब भी वे इस सहायता राशि के पात्र होंगे। धान विक्रय करने वाले किसानों को अतिरिक्त राशि समर्थन मूल्य की राशि के साथ उनके खाते में अंतरित की जाएगी।
धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की जाएगी। किसानों के लिए 10 नवंबर से ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से टोकन कटना शुरू होगा, जो 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। किसान अपनी सुविधानुसार 15 जनवरी 2027 तक किसी भी दिन धान विक्रय के लिए टोकन ले सकेंगे। प्रतिदिन की टोकन मात्रा में से 70 प्रतिशत टोकन ‘तुहर टोकन’ ऐप और 30 प्रतिशत टोकन समिति के माध्यम से काटे जा सकेंगे। इस दौरान अपर कलेक्टर, खाद्य अधिकारी जी एस कंवर, उपपंजीयक, सीसीबी नोडल, डीएमओ उपस्थित रहे।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कोरबा जिले में कितनी बोरी धान जब्त हुई?
कटघोरा में तीन अलग-अलग जगहों से कुल 250 बोरी मोटा धान जब्त किया गया।
Q2. किसके गोदाम से कितना धान मिला?
दिलीप अग्रवाल के गोदाम से 75 बोरी, यतीश जायसवाल के गोदाम सह निवास से 50 बोरी और पवन अग्रवाल के गोदाम से 125 बोरी धान बरामद हुआ।
Q3. कोरबा में धान खरीदी कब से शुरू होगी?
पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होनी है।
Q4. धान पहले से क्यों जमा किया जा रहा था?
प्रशासन को आशंका है कि बिचौलिए पहले से धान जमा कर रहे थे, ताकि बाद में किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य का लाभ लिया जा सके।
Q5. जब्त धान पर किस कानून के तहत कार्रवाई होगी?
कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Q6. ये कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई?
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे के मार्गदर्शन में संयुक्त उड़नदस्ता दल ने ये कार्रवाई की।



