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कमीशनखोरी का विरोध अनूठे अंदाज में, नगर पंचायत सभापति ने CMO पर लगाए गंभीर आरोप

कमीशनखोरी का विरोध अनूठे अंदाज में, नगर पंचायत सभापति ने CMO पर लगाए गंभीर आरोप
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

धमतरी। जिले के नगरी नगर पंचायत में कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। यहां नगर पंचायत की सभापति विनीता कोठारी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत वर्मा पर सीधे गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। सभापति का दावा है कि पार्षद निधि जारी करने के बदले उनसे 30 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। कमीशन नहीं देने पर पिछले एक साल से वार्ड विकास की निधि रोक दी गई है।

सत्तापक्ष से जुड़े होने के बाद भी प्रदर्शन की मजबूरी

इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। नगर पंचायत में भाजपा का शासन है और आरोप लगाने वाली सभापति विनीता कोठारी खुद भी भाजपा से जुड़ी हैं। ऐसे में भाजपा पदाधिकारियों और भाजपा शासित नगर पंचायत के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है।

हाथों में बैनर लेकर सभापति ने जताया विरोध

सभापति विनीता कोठारी ने अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी की। बैनर में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप साफ तौर पर लिखे गए थे। सभापति का आरोप है कि वार्डों में विकास कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं, क्योंकि पार्षद निधि जारी नहीं की जा रही। उनका कहना है कि जब तक कथित कमीशन नहीं दिया जाएगा, तब तक फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जा रहीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सभापति विनीता कोठारी “पैसा बोलता है” गाने की धुन के साथ अधूरे विकास कार्यों और कमीशनखोरी के खिलाफ प्रदर्शन करती नजर आ रही हैं। वीडियो में उनके हाथों में ऐसे बैनर दिखाई दे रहे हैं, जिनमें कथित भ्रष्टाचार और कमीशन मांगने के आरोप लिखे गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि विकास कार्य प्रभावित होने से आम जनता परेशान हो रही है।

संपत्ति जांच की भी मांगसभापति ने सीएमओ यशवंत वर्मा की संपत्ति और उनके कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। विनीता कोठारी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में “सुशासन तिहार” के दौरान भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।