जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में फर्जीवाड़े का गंभीर मामला उजागर हुआ है। जांजगीर जिला भाजपा के उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। गंभीर बात यह है कि एक महिला की मौत के बाद उसका पंजीयन श्रम विभाग में किया गया और बाद में उसे मृत घोषित कर मुआवजा हासिल कर लिया गया।

इस तरह किया गया फर्जीवाड़ा

मीडिया से चर्चा के दौरान गगन जयपुरिया ने बताया कि विकासखंड बम्हनीडीह निवासी स्वर्गीय सुमन बाई पटेल के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुआवजा हासिल कर लिया गया। दरअसल सुमन बाई की मौत 27 नवम्बर 2024 को हो गई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद 9 दिसंबर 2024 को श्रमिक के रूप में उसका पंजीयन श्रम विभाग में कर दिया जाता है। दलालों और श्रम विभाग के अमले की मिलीभगत से सुमन पटेल की वास्तविक मृत्यु के 7 माह बाद 2 जून 2025 को मौत होना दर्शा दिया जाता है। इसके लिए उसका फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जमा कराया जाता है।

See also  कांग्रेस को सता रहा है हार का डर, महापौर को देना चाहती है बैकडोर इंट्री- डॉ रमन सिंह

जयपुरिया ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ₹1,00,000 (एक लाख रूपये) की सहायता राशि संबंधित बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। उन्होंने इस मामले में विभागीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई है।

श्रम विभाग में ऐसे दर्जनों मामले

गगन जयपुरिया का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रम विभाग से जुड़े दलालों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे फर्जीवाड़े काफी संख्या में किये गए हैं। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से इस मामले की लिखित शिकायत करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई, राशि की रिकवरी तथा जिले भर में योजनाओं की विशेष जांच एवं ऑडिट कराने की मांग की है।