Interstate Tatkal ticket touting network busted
Interstate Tatkal ticket touting network busted

illegal network involved in touting Tatkal: इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मिले संदिग्ध आरक्षित टिकट की जांच के बाद RPF ने तत्काल टिकटों की अवैध दलाली के नेटवर्क का खुलासा किया है। बैकुंठपुर सिटी PRS के बुकिंग क्लर्क सहित टिकट दलाल, बस चालक और सहयोगियों की संलिप्तता सामने आने पर RPF पोस्ट अंबिकापुर में 16 अगस्त 2026 को रेल अधिनियम धारा 143 के तहत मामला दर्ज कर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल तत्काल टिकट हासिल करने के बाद उसे ग्राहक तक पहुंचाने के लिए आरोपियों ने अलग नेटवर्क बना रखा था। RPF की पूछताछ में सामने आया कि PRS काउंटर से निकाले गए टिकट रायपुर और दूसरे शहरों से बस के जरिये वाराणसी भेजे जाते थे। किसी व्यक्ति के हाथ भेजने के बजाय टिकट लिफाफे में रखकर बस से भेजे जाते थे। इसके लिए बस संचालक को प्रति लिफाफा 200 रुपए दिए जाते थे। इसके बाद संबंधित पार्टी को टिकट पहुँचाया जाता था।

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इलाहाबाद से बैकुंठपुर तक कैसे जुड़ा तार

बीते 2 अगस्त को इलाहाबाद में मिला टिकट बैकुंठपुर सिटी PRS से जारी हुआ था। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर पोस्ट प्रभारी निरीक्षक सुनीता मिंज को जांच सौंपी गई। पूछताछ में अविनाश कुमार (PRS कर्मचारी), बनारस का टिकट दलाल संजय विश्वकर्मा, जौनपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल को अंबिकापुर लाया गया।

सुरेंद्र ग्राहकों से जानकारी लेकर संजय को, संजय व्हाट्सएप से अविनाश को भेजता। अविनाश बैकुंठपुर से तत्काल टिकट बनाकर बस से बनारस संजय तक, वहां से जौनपुर सुरेंद्र तक पहुंचाता।

फोन-पे से होता था लेनदेन, एक टिकट पर 1500 रूपये की वसूली

इस नेटवर्क के बीच कमीशन बंधा हुआ था। प्रति यात्री कमीशन — सुरेंद्र 1500 रु, संजय 700 रु, अविनाश 350 रु, बस चालक को 200 रु प्रति लिफाफा। मोबाइल से व्हाट्सएप चैट और फोन-पे हिस्ट्री में इसके सबूत मिले।

वाराणसी के दलाल के जरिये रायपुर के परमेश तक पहुंची आरपीएफ

आरोपियों के मोबाइल की जांच में खरीदारों और लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग मिले। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए जांच छत्तीसगढ़ के दूसरे शहरों और PRS काउंटरों तक पहुंची, जिसके बाद रायपुर के परमेश दुबे तक पुलिस सकी। वाराणसी निवासी टिकट दलाल संजय विश्वकर्मा समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच परमेश दुबे तक पहुंची। रायपुर और बिलासपुर मंडल के कई स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर उसकी सेटिंग की बात सामने आई है।

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RPF ने अंबिकापुर की एक निजी सिटी PRS पर छापा मारा था। यहां करीब 60 तत्काल टिकट बरामद हुए। इनकी जांच में इनका कनेक्शन वाराणसी से मिला। इसी सुराग पर RPF ने अंबिकापुर में दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अब तक 8 गिरफ्तार, 3.67 लाख के 60 टिकट

गिरफ्तार लोगों में संजय विश्वकर्मा बनारस, अविनाश सारथी बुकिंग क्लर्क बैकुंठपुर, मनोज यादव बस चालक, सुरेंद्र जायसवाल जौनपुर, किरण (अविनाश की साली), परमेश दुबे रायपुर, कुंदन कुमार बुकिंग क्लर्क करंजी व 2 अन्य। 60 तत्काल टिकट 3.67 लाख के मिले, वहीं 14 हाथ से लिखे हुए बरामद किये गए। संजय-परमेश के UP, मुंबई, ओडिशा, रायपुर, बिलासपुर दलालों व रेल कर्मचारियों से संपर्क के सबूत, नेटवर्क बड़ा होने की आशंका।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1. कितने लोग पकड़ाए?
जवाब: अब तक 8 आरोपी, जिसमें बैकुंठपुर सिटी PRS का बुकिंग क्लर्क, बनारस-जौनपुर के दलाल, बस चालक और रायपुर के दलाल शामिल।

सवाल 2. नेटवर्क कैसे चलता था?
जवाब: जौनपुर से जानकारी बनारस, बनारस से व्हाट्सएप पर बैकुंठपुर क्लर्क को, क्लर्क टिकट बनाकर बस से बनारस भेजता, फोन-पे से 350 से 1500 रु तक कमीशन।

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