नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने इतिहास रच दिया है। आखिरी दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने मेडल टैली में जबर्दस्त छलांग लगाई और 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल (कुल 85 पदक) जीतकर पदक तालिका में चौथा (4th) स्थान हासिल कर लिया है।
क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, तीरंदाजी और मुक्केबाजी जैसे खेलों में भारतीय दल का दबदबा देखने को मिला। आइए जानते हैं देश को पदक दिलाने वाले प्रमुख खिलाड़ियों और टीमों के बारे में:-
स्वर्ण पदक (Gold Medal) विजेता
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम:- पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड जीता।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम:- महिला टी-20 में देश को स्वर्ण पदक दिलाया।
भारतीय पुरुष व महिला हॉकी टीम:- दोनों टीमों ने अपने-अपने इवेंट्स में गोल्ड पर कब्जा जमाया।
भारतीय कबड्डी टीम:- पुरुष और महिला, दोनों कबड्डी टीमों ने भारत को गोल्ड दिलाया।
लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग):- महिलाओं की 75 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड जीता।
सुजीत कलकल (कुश्ती):- मेन्स फ्रीस्टाइल 65 किग्रा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
प्रनवी उर्स (गोल्फ):- महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐतिहासिक गोल्ड जीता।
तीरंदाजी (Archery):- कुमकुम मोहौद (महिला व्यक्तिगत रिकर्व) और महिला/पुरुष कम्पाउंड टीमों ने भी गोल्ड मेडल हासिल किए।
शूटिंग (Shooting):- कमलजीत व सुरुचि सिंह (10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स), नीरू ढांडा (महिला ट्रैप) और मिक्स ट्रैप टीम ने गोल्ड पर निशाना साधा।

रजत पदक (Silver Medal) विजेता
मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग):- महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
इलावेनिल वालारिवन (शूटिंग):- 10 मीटर एयर राइफल (व्यक्तिगत व टीम इवेंट) में सिल्वर।
गुलवीर सिंह (एथलेटिक्स):- पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता।
रोशिबीना देवी (वुशू):- महिला सांडा 60 किग्रा में भारत को सिल्वर दिलाया।
कांस्य पदक (Bronze Medal) विजेता
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम:- टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता।
टेबल टेनिस:- दिया चितले और मानुष शाह की जोड़ी ने मिक्स डबल्स में ब्रॉन्ज जीता।
स्क्वाश:- अनाहत सिंह और जोशना चिनप्पा की अगुवाई में महिला टीम और पुरुष टीम ने ब्रॉन्ज जीता।
एथलेटिक्स:- पारुल चौधरी (3000m स्टीपलचेज व 5000m), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन) और रोहित यादव (भाला फेंक) ने ब्रॉन्ज जीता।
कुश्ती:- सुनील कुमार (ग्रीको-रोमन 87 किग्रा) ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।



