Elavenil Valarivan celebrating her silver medal win at the Asian Games 2026 with her air rifle.
भारतीय स्टार निशानेबाज इलावेनिल वलारिवान ने आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीता।

Asian Games 2026: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा पदक भी शूटिंग से मिला है। स्टार निशानेबाज इलावेनिल वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। इलावेनिल 252.4 अंक के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और महज 0.6 अंक से स्वर्ण पदक चूक गईं।

इलावेनिल ने फाइनल में शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया और लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर बनी रहीं। लेकिन आखिरी तीन शॉट में जापान की हिनाता ताइची ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। हिनाता ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इलावेनिल 252.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की हियोजिन बान ने 230.4 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता।

एशियाड में इलावेनिल का दूसरा पदक

यह आइची-नागोया एशियन गेम्स में इलावेनिल वलारिवान का दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सोनम मस्कर और विदर्सा कोचलुमकल के साथ मिलकर रजत पदक जीता था। इस तरह इलावेनिल ने अपने एशियन गेम्स अभियान में अब तक दो रजत पदक जीत लिए हैं।

भारत के खाते में दूसरा पदक

इलावेनिल का रजत भारत का एशियन गेम्स 2026 में दूसरा पदक है। यानी भारत के दोनों पदक अब तक शूटिंग से आए हैं और दोनों ही रजत हैं।

सोनम छठे स्थान पर रहीं

इसी स्पर्धा के फाइनल में पहुंची दूसरी भारतीय निशानेबाज सोनम मस्कर छठे स्थान पर रहीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 634.1 अंक हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। इलावेनिल के रजत पदक के साथ भारतीय शूटिंग टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है।

ऐसी है इलावेनिल वलारिवान की कहानी

इलावेनिल का सफर आसान नहीं रहा है। यहां तक पहुंचने की उनकी कहानी एक उधार की राइफल से शुरू हुई थी। करीब 12-13 साल की उम्र में एक दिन उन्होंने अपने पिता के एक छात्र की बेटी को एयर राइफल से अभ्यास करते देखा। जिज्ञासा में उन्होंने राइफल हाथ में ली और पांच दिवसीय राइफल कैंप में हिस्सा लिया। 2014 में उन्होंने ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग की गन फॉर ग्लोरी अकादमी ज्वाइन की। दिन में 10 घंटे अभ्यास और कड़े अनुशासन के साथ उन्होंने अपनी कला को निखारा।

जूनियर से सीधे विश्व नंबर-1 तक

2018 में इलावेनिल ने सिडनी में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में व्यक्तिगत स्वर्ण जीता और जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाया। 2019 में रियो डी जेनेरियो में विश्व कप का स्वर्ण जीतकर वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की तीसरी महिला बनीं और विश्व रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंच गईं। 2022 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 12-13 साल की उम्र में संयोग से हाथ में आई एयर राइफल से शुरू हुआ सफर अब एशियन गेम्स के ऐतिहासिक रजत तक पहुंच चुका है।

  • इलावेनिल वलारिवान ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता है।
  • इलावेनिल स्वर्ण पदक जीतने से स्वर्ण पदक विजेता जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रह गईं।
  • आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जापान की हिनाता ताइची ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता।
  • इलावेनिल ने अपनी शूटिंग की ट्रेनिंग गगन नारंग की ‘गन फॉर ग्लोरी’ अकादमी से अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत की थी।
  • इलावेनिल को वर्ष 2022 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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