Ayushman Bharat Digital Mission: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की 'मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव' कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 1 जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य लेकर काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि समय के साथ नई तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है और विभाग मिशन मोड पर इस दिशा में काम कर रहा है।
2.63 करोड़ नागरिकों के बने ABHA ID
कार्यशाला में डिजिटल हेल्थ की प्रगति साझा करते हुए बताया गया कि राज्य में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके माध्यम से मरीज अपने सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और प्रिस्क्रिप्शन डिजिटल रूप से सुरक्षित रख सकेंगे। इसके अलावा, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के तहत 12 हजार से अधिक अस्पताल, क्लिनिक व लैब और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) के तहत 34 हजार से अधिक डॉक्टर व स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।
मोबाइल पर मिलेगी अटल आरोग्य लैब की रिपोर्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्डों में अब आभा आईडी (ABHA ID) को लिंक किया गया है। साथ ही अटल आरोग्य लैब की रिपोर्ट अब सीधे मरीजों के मोबाइल पर भेजी जा रही है। डिजिटल सिस्टम (HMIS) लागू होने से मरीजों का पंजीकरण से लेकर उपचार और डिस्चार्ज तक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे न केवल कागजी निर्भरता खत्म होगी, बल्कि इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाले समय में भी भारी कमी आएगी।
FAQ:
प्रश्न 1: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी अस्पतालों को डिजिटल करने की क्या समय-सीमा तय की है?
उत्तर: स्वास्थ्य मंत्री ने 1 जनवरी तक राज्य के सभी अस्पतालों को पूरी तरह डिजिटल करने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में अब तक कितने नागरिकों के ABHA (आभा) आईडी बन चुके हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके हैं।
प्रश्न 3: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत कितने स्वास्थ्य संस्थान और डॉक्टर पंजीकृत हो चुके हैं?
उत्तर: नेटवर्क से 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान (अस्पताल, लैब, क्लिनिक) और 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर (डॉक्टर व नर्स) जुड़ चुके हैं।
प्रश्न 4: अस्पतालों के डिजिटल होने से आम मरीजों को क्या सीधा फायदा मिलेगा?
उत्तर: मरीजों के सारे मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, अटल आरोग्य लैब रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर मिलेगी और क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाला समय कम होगा।
प्रश्न 5: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला में कौन-कौन से प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे?
उत्तर: कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, एनएचए भारत सरकार के संचालक विक्रम पगारिया और स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक संजीव झा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
