Teacher's conduct towards a sick student prompts
Teacher's conduct towards a sick student prompts

Teacher’s treatment of a sick student: बिलासपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल में पहले से बुखार से पीड़ित एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टी हो गई। आरोप है कि उसे मेडिकल मदद देने की बजाय उसी से गंदी हुई कुर्सी साफ कराई गई।

किसी ने इस पूरे वाकये का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। लोगों ने स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता पर तीखी नाराजगी जताई। मामला प्रशासन तक पहुंचा, जिस पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बुखार के चलते बिगड़ गई हालत

यह मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकास खंड में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी का है। जहां स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा पहले से बुखार से पीड़ित थी। स्कूल में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी हो गई। आरोप है कि ऐसी स्थिति में छात्रा को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने या उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के बजाय उससे ही उल्टी से गंदी हुई कुर्सी साफ करवाई गई। घटना का वीडियो किसी ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

नोटिस जारी कर मांगा जवाब

इस मामले को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने शाला की प्रधान पाठक भारती खांडे को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस तरह की घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. मामला कहां का है?
मस्तूरी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी, बिलासपुर का।

Q2. क्या हुआ था?
बुखार पीड़ित छात्रा को उल्टी होने पर उसी से कुर्सी साफ करवाई गई।

Q3. मामला कैसे उजागर हुआ?
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद।

Q4. प्रशासन ने क्या किया?
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए, DEO ने प्रधान पाठक भारती खांडे को 3 दिन में स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया।

Q5. आगे क्या?
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी।