बिलासपुर। हाई कोर्ट ने दत्तक पुत्र होने के दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कहा है कि केवल पंजीकृत दत्तक पत्र (एडॉप्शन डीड) होने से गोद लेने की प्रक्रिया स्वतः सिद्ध नहीं हो जाती। यदि गोद लेने की वास्तविक प्रक्रिया और देना-लेना की रस्म साबित नहीं होती, […]
