बिलासपुर। पैतृक संपत्ति में बेटियों के अधिकार को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि 20 दिसंबर 2004 से पहले का अप्रमाणित मौखिक बंटवारा बेटी के सहदायिक (कॉपरसेनरी) अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। न्यायालय ने पैतृक कृषि भूमि में हिस्सेदारी की मांग को लेकर दायर अपील को स्वीकार करते हुए विचारण न्यायालयों के आदेशों को निरस्त कर […]
