टीआरपी डेस्क। क्या आप भी टेलीग्राम पर फिल्में और वेब सीरीज फ्री में देखते हैं? तो सावधान हो जाइए। भारत सरकार ने टेलीग्राम के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को एक कड़ा नोटिस थमा दिया है। अब प्लेटफॉर्म को सिर्फ 15 दिन का वक्त मिला है, जिसमें उसे बताना होगा कि उसने पाइरेसी रोकने के लिए क्या किया।

सरकारी सूत्रों की मानें तो टेलीग्राम पर धड़ल्ले से नई रिलीज फिल्में और ओटीटी शो लीक हो रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि टेलीग्राम सिर्फ शिकायत मिलने पर कार्रवाई का बहाना नहीं बना सकता। उसे अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

सिर्फ ब्लॉक नहीं, अब जवाबदेही तय होगी

सरकार का मूड इस बार बहुत अलग है। मंत्रालय ने टेलीग्राम को साफ कह दिया है कि उसे अपने प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम तैयार करना होगा, जो अवैध कंटेंट को अपने आप पकड़ ले और उसे तुरंत हटा दे। पायरेटेड चैनल्स, ग्रुप्स और उन्हें चलाने वाले एडमिन्स की पहचान करना अब टेलीग्राम के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

See also  IND vs PAK, U19 World Cup: भारत ने तोड़ा पाकिस्तान का सपना, 58 रनों से हराया, टूर्नामेंट से बाहर

पहले भी टेलीग्राम सरकार के निशाने पर रहा है। अब तक 3,000 से ज्यादा चैनलों पर ताला लग चुका है। लेकिन इस बार सरकार केवल चैनल्स डिलीट करने के मूड में नहीं है, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करना चाहती है।

क्रिएटर इकोनॉमी को लग रहा करोड़ों का चूना

ऑनलाइन पाइरेसी ने फिल्म मेकर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की कमर तोड़ दी है। फिल्म रिलीज होती है और कुछ ही घंटों में उसका लिंक टेलीग्राम पर तैरने लगता है। इससे न सिर्फ थिएटर्स की कमाई डूबती है, बल्कि उन लोगों को भी भारी नुकसान होता है, जो ओटीटी ऐप्स का सब्सक्रिप्शन लेते हैं।

मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत में डिजिटल पाइरेसी कोई मामूली बात नहीं है। यह कॉपीराइट एक्ट 1957 और सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 के तहत एक गंभीर आपराधिक मामला है। अगर टेलीग्राम समय रहते अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारता, तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब देखना ये है कि 15 दिन बाद टेलीग्राम की तरफ से क्या जवाब आता है।

See also  भारत में हार्ले डेविडसन की बाइक्स बेचने का जिम्मा Hero पर, मिलेगी सर्विसिंग की सुविधा भी

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।