मोबाइल फोन्स निर्माण में भारत बना दुनिया का दूसरा बड़ा निर्माता

नई दिल्ली। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मोबाइल फोन का निर्यात इस साल 11अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हुआ जोकि नया रिकॉर्ड है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम बताया का रहा है। जो अप्रैल, 2020 में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च की गई थी। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की वजह से दुनिया की बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों जैसे,फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन ने अपने आपूर्तिकर्ताओं को भारत शिफ्ट कर दिया है।

CMAI के चेयरमैन एन के गोयल ने बताया कि “दुनिया में सबसे बड़ा नाम एप्पल आईफोन का है जो आज भारत में mobile handset बना रहे हैं। 3 कंपनियों एप्पल के लिए फोन बना रही है। सैमसंग की दुनिया में सबसे बड़ी फैक्ट्री भारत में है। यह दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड भारत में मोबाइल हैंडसेट की मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं”। इस सेक्टर में विदेशी निवेश बढ़ने से ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम से भारत जुड़ गया है, और इससे भारत एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।